Bihar: आचार्य किशोर कुणाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सात लोग श्रवण कुमार पुरस्कार से हुए सम्मानित
Bihar: पटना के ज्ञान भवन में आचार्य किशोर कुणाल की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके मानव सेवा कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सात लोगों को श्रवण कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल ने कैंसर जैसे असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए जो कार्य किए, उससे बड़ा मानवता का कोई और उदाहरण नहीं हो सकता। वे सोमवार को ज्ञान भवन, पटना में आचार्य किशोर कुणाल की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर माता-पिता की निःस्वार्थ सेवा करने वाले सात लोगों को श्रवण कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव एवं आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायण कुणाल ने पटना जंक्शन स्थित निर्मित भूमिगत पथ (सब-वे) का नाम आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखने का अनुरोध किया। इस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया कि वे इस दिशा में प्रयास करेंगे। सम्राट चौधरी ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल ने राम मंदिर निर्माण के लिए पहले पांच करोड़ और बाद में भी पांच करोड़ रुपये का दान दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्यों को उनके पुत्र सायण कुणाल आगे बढ़ाते रहेंगे।
आचार्य किशोर कुणाल की राह समाज को सदियों तक दिशा देती रहेगी : विजय चौधरी
जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल ने समाज को जो मार्ग दिखाया है, वह आने वाली पीढ़ियों को भी दिशा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि ईश्वर किसी को धरती पर भेजते समय उसमें अपार गुण और क्षमताएं भर देता है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए एक जीवन भी कम पड़ जाता है। वहीं, सायण कुणाल ने कहा कि उनके पिता ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
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उन्होंने कहा कि महावीर मंदिर आज वटवृक्ष बन चुका है। पिताजी कहा करते थे कि न मुझे राज्य चाहिए, न स्वर्ग और न ही मोक्ष; गरीबों की सेवा होती रहे, यही सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि महावीर मंदिर देश का पहला मंदिर है जहां दलित पुजारियों की नियुक्ति हुई। ‘दलित देवो भवः’ और ‘संगत-पंगत’ की परंपरा की शुरुआत भी आचार्य किशोर कुणाल ने ही की थी। इस अवसर पर सायण कुणाल ने अभिनेता राजेश खन्ना का संवाद भी दोहराया कि बाबू मोशाय, ज़िंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए।
कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और न्यायपालिका से जुड़े लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मंत्री अशोक चौधरी, रामकृपाल यादव, संजय सिंह, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन, डीजीपी विनय कुमार, सांसद शांभवी चौधरी, पटना की मेयर सीता साहू, हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद, जिला जज शशिकांत राय सहित कई मंत्री, विधायक, एमएलसी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्रवण कुमार पुरस्कार पाने वाले सम्मानित लोग
मुख्य पुरस्कार
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प्रथम पुरस्कार (₹1 लाख): शंभू चौधरी, पोस्टल पार्क
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द्वितीय पुरस्कार (₹50 हजार): रवि संगम, कृष्णानगर, पटना
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तृतीय पुरस्कार (₹25 हजार): प्रिय रंजन सैतव, आदर्श विहार कॉलोनी (रूकनपुरा)
समर्पण पुरस्कार (₹10 हजार प्रत्येक)
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अजय कुमार मुखर्जी, मोकिमपुर (परसा बाजार)
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पिंकी प्रियदर्शिनी सिंह, रामनगरी
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तरुण कुमार, वासुदेव इनक्लेव, कंकड़बाग
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सिद्धेश्वर नगर (मैनपुरा ग्रीन हेरिटेज)
सायण कुणाल ने बताया कि महावीर मंदिर की ओर से श्रवण कुमार पुरस्कार वर्ष 2010 से दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आर्थिक व शारीरिक रूप से कमजोर माता-पिता की निःस्वार्थ सेवा करने वाले पुत्र-पुत्रियों को सम्मानित करना है।
महावीर वात्सल्य अस्पताल में पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल के प्रतिमा का हुआ अनावरण
पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल की पहली पुण्य तिथि के मौके पर महावीर वात्सल्य अस्पताल में उनके प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रतिमा का अनावरण अनिता कुणाल ने किया। अस्पताल के चेयरमैन और पूर्व न्यायाधीष पीके सिन्हा ने कह कि बड़े शौक से सुन रहा था जमाना तुम ही सो गए दास्ता कहते-कहते। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने कहा कि इस अस्पताल से पापा का विशेष लगाव था। जिसका मैं भी साक्षी रहा हूं। निदेशक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल के पुण्य तिथि के मौके पर मरीजों के लिए आज ओपीडी निःशुल्क कर दिया गया था। साथ ही साथ रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। रक्तदान शिविर का उद्घाटन सायण कुणाल ने किया। इस मौके पर डॉ. एसएस झा आदि मौजूद थे।