फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar Ten books of Rajya Sabha Deputy Chairman Harivansh will be released on December 14

Bihar: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश की दस पुस्तकों का 14 दिसंबर को होगा लोकार्पण, इन परिदृश्यों पर हैं किताबें

Thu, 12 Dec 2024 09:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 12 Dec 2024 09:40 PM IST
सार

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की दस पुस्तकों का 14 दिसंबर को लोकार्पण होगा। ये किताबें बिहार-झारखंड, देश-दुनिया के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य पर लिखी गई हैं।

विज्ञापन
Bihar Ten books of Rajya Sabha Deputy Chairman Harivansh will be released on December 14
राज्यसभा उपसभापति हरिवंश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पत्रकारिता, लेखन और संपादन से लगभग चार दशकों तक जुड़े रहे हरिवंश की दस किताबों का लोकार्पण राष्ट्रीय पुस्तक मेला गांधी मैदान, पटना में 14 दिसंबर शाम 06.30 बजे होगा। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य सचिव वीएस दुबे और विशिष्ट अतिथि, पूर्व पुलिस महानिदेशक डीएन गौतम होंगे। विशिष्ट वक्ता के रूप में खुदाबख्श लाइब्रेरी के पूर्व निदेशक व इतिहासकार प्रो. इम्तियाज अहमद की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा व चंपारण के रहने वाले संस्कृतिकर्मी व लेखक विनय कुमार की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, स्तंभकार अनंत विजय बीज वक्तव्य देंगे।

विज्ञापन


लोकार्पण समारोह के अवसर पर संगीत नाटक अकादमी व बिहार कला सम्मान से सम्मानित लोकगायिका चंदन तिवारी, बिहारनामा (हिंदी, भोजपुरी, मैथिली, मगही भाषा में बिहार की गौरवशाली कविताएं) का गायन करेंगी। बतौर पत्रकार दुनिया के 21 देशों को देखने, पाठकों को उनके बारे में बताने का काम किया। यानी गुजरे चार दशकों (1977-2017) के देश-दुनिया व स्थानीय समाज के सरोकारों, सवालों पर बहुआयामी लेखों का ये किताबें संकलन हैं।
विज्ञापन


मोतिहारी में जन्मे व संसार के महान लेखकों में से एक, जॉर्ज आरवेल ने कहा था कि जिसकी मुट्ठी में इतिहास होता है, वही भविष्य निर्माण करता है। आरवेल का मंतव्य था कि आने वाली पीढ़ियों का नजरिया तैयार करने में इतिहास की क्रिटिकल भूमिका है। इस दृष्टि से ऐसे संकलनों का सामयिक महत्व है। हरिवंश की ये पुस्तकें, प्रकाशन संस्थान (नई दिल्ली) द्वारा ‘समय के सवाल’ श्रृंखला के तहत दस खंडों में प्रकाशित हैं। इन पुस्तकों के नाम क्रमश: 'बिहार: सपना और सच', 'भविष्य का भारत', 'राष्ट्रीय चरित्र का आईना', 'झारखंड: संपन्न धरती, उदास बसंत', 'झारखंड: चुनौतियां भी-अवसर भी', 'पतन की होड़', 'अतीत के पन्ने', 'सरोकार और संवाद', 'ऊर्जा के उत्स' और 'सफर के शेष' हैं. अलग-अलग विधाओं में, अलग-अलग विषयों पर हैं, ये पुस्तकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्रकारीय लेखन को तात्कालिक इतिहास (इंस्टैंट हिस्ट्री) कहा गया है। अतीत का समृद्ध अध्ययन, भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दृष्टि से स्थानीय समाज के साथ राज्य, देश और दुनिया में, तब के दौर में हो रहे उथल-पुथल व बदलावों की झलक व चित्रण है, इन संकलनों में। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रकाशन संस्थान नई दिल्ली द्वारा किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed