Bihar: डेंगू के मरीजों के लिए PMCH में खास इंतजाम, 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार; 24 घंटे डॉक्टर रहेंगे तैनात
Bihar News: डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस कराया जा रहा है, जबकि पूरे जुलाई महीने को 'एंटी-डेंगू माह' के रूप में मनाते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरसात के मौसम में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल प्रशासन ने राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (आरएसबी) में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 20 बेड का समर्पित वार्ड तैयार किया है। वार्ड में मच्छरदानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों की देखभाल के लिए 24 घंटे डॉक्टरों और मेडिकल अटेंडेंट की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके अलावा नए रेडियोलॉजी भवन में अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच तेजी से हो सके।
डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन
उधर, स्वास्थ्य विभाग भी राज्यभर में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर अलर्ट मोड में है। विभाग ने सभी जिलों में फॉगिंग, मच्छर नियंत्रण, सर्विलांस, जांच और उपचार की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है। फिलहाल राज्य में 318 फॉगिंग मशीनें संचालित हैं। सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में एनएस-1 एलाइजा और आईजीएम एलाइजा जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
पिछले सप्ताह ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दिया खास निर्देश
पिछले सप्ताह स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने सभी जिलों में फॉगिंग, सर्विलांस, जांच और उपचार की व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जांच किट, दवाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए थे।