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Bihar: यूजीसी बिल पर पीएम मोदी के साथ नहीं CM नीतीश की पार्टी, भाजपा में गतिरोध; जानिए क्या चल रहा बिहार में?

Wed, 28 Jan 2026 07:23 PM IST
Aditya Anand आदित्य आनंद
Updated Wed, 28 Jan 2026 07:23 PM IST
सार

New UGC Bill 2026: बिहार में यूजीसी बिल पर विरोध प्रदर्शन जारी है। आज भी पटना समेत कई जिलों सवर्ण समाज के युवा सड़क पर उतरे। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इधर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भाजपा के प्रमुख सहयोगी दल जदयू ने इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट कर दी है। 

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Bihar News: JDU not with BJP on UGC bill, upper caste society protests: Patna News
पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की फाइल फोटो। - फोटो : एएनआई

विस्तार

पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से लाई जा रही यूजीसी बिल पर बिहार में सियासी घमासान जारी है। कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी के कोर वोटर्स माने जाने वाले सवर्ण समाज के युवा सड़क पर उतर गए हैं। वह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आज पटना, पूर्णिया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुआ। एक दिन पहले पटना के बाढ़ अनुमंडल में तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं अपने ही सरकार के विरोध में उतर आए। सड़क पर जमकर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं पार्टी छोड़ने तक की धमकी तक दे दी। मंगलवार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। 'अमर उजाला' की टीम ने भाजपा कार्यालय में मौजूद पदाधिकारी और प्रवक्ताओं से यूजीसी बिल पर सवाल पूछने की कोशिश की लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए। एक प्रवक्ता ने तो साफ कह दिया कि आप दिल्ली में बैठे अधिकारियों से सवाल पूछ लीजिए। हमें इस मुद्दे पर कुछ भी बयान देने से मना किया गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा गा कि इस पर अभी कुछ भी नहीं बोल सकता है। लेकिन, फिलहाल इतना ही कह सकता हूं कि यह बिल सारी बातों और सबके हितों को ख्याल में रखते हुए लाया गया है। इसमें किसी के साथ गलत नहीं किया गया है। इस बिल में किसी का नुकसान नहीं किया जाएगा। 

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जदयू ने स्पष्ट कहा- किसी भी वर्ग की उपेक्षा लोकतंत्र के लिए घातक
इधर, यूजीसी बिल पर सीएम नीतीश कुमार की पार्टी का अलग रूख है। जनता दल यूनाईटेड ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी बिल से किसी एक वर्ग की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। यह लोकतंत्र के लिए घातक साबित होगा। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि समाज के किसी भी वर्ग की उपेक्षा लोकतंत्र के लिए घातक हो सकती है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भाजपा के पदाधिकारियों ने इन नियमों के विरोध में अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है। उनका कहना है कि सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों का आरोप है कि दंड का प्रावधान हटने से इन नियमों का दुरुपयोग बढ़ेगा और उन्हें निजी रंजिश के तहत निशाना बनाया जा सकता है। 
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Bihar News: पटना में यूजीसी बिल के विरोध में सड़क पर उतरे भाजपा के कार्यकर्ता, अपनी ही सरकार के हो गए खिलाफ
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Bihar News: JDU not with BJP on UGC bill, upper caste society protests: Patna News
पटना में प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला

पटना में छात्रों ने किया प्रदर्शन
वहीं पटना के दिनकर गोलंबर चौराहा पर सवर्ण छात्रों के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता सौरव कुमार, विशाल और राकेश कुमार ने कहा कि यह काला बिल  है। यह पूरी तरह से जात पात को बढ़ाई देना वाला है। इस सवर्णों के खिलाफ है। मोदी सरकार ने वोट बैंक के लिए सवर्णों की अनदेखी की है। हमलोग पीएम मोदी से पूछ रहे हैं कि इस तरह से बांटने की राजनीति वह क्यों कर रहे हैं। हमलोग सरकार को स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि जब जब सवर्ण समाज ने आवाज उठाई है, तब तक सिंहासन डोला है। इसलिए सरकार से अनुरोध है कि वह इस बांटने वाले बिल को वापस ले। 



 

Bihar News: JDU not with BJP on UGC bill, upper caste society protests: Patna News
क्या है यूजीसी का नया नियम 2026 - फोटो : अमर उजाला

 

जानिए क्या है यूजीसी का नया बिल?
यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026 लागू किया है, जिसे आमतौर पर इक्विटी बिल 2026 कहा जा रहा है। यह 2012 के पुराने नियमों की जगह लेगा। यूजीसी के मुताबिक, इसका मकसद उच्च शिक्षा में जाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान, दिव्यांगता जैसे आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नया नियम यूजीसी विनियम, 2012 का स्थान लेता है। हर उच्च शिक्षण संस्थान में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (EOC) बनाने का प्रावधान किया गया है, जो भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेगा और कमजोर वर्गों को सहयोग देगा। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों को समान अवसर देना है।

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