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बिहार: नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, अब नहीं होगा फिजिकल वेरिफिकेशन; जानें कितनी लगेगी फीस
Sat, 31 Oct 2026 08:16 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sat, 31 Oct 2026 08:16 PM IST
सार
बिहार में 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। अब उपभोक्ताओं को लोड के हिसाब से तय मानक शुल्क जमा करना होगा। बिजली कंपनी परिसर तक सर्विस तार और मीटर लगाने का काम करेगी।
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बिजली मीटर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए जमीन या मकान का पहले की तरह भौतिक सत्यापन और नाप-जोख नहीं कराना होगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता सुविधा ऐप या बिजली कंपनी के पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ ही कनेक्शन के लोड के अनुसार तय शुल्क की जानकारी मिल जाएगी। फीस जमा होने के बाद बिजली कंपनी सर्विस तार और मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
अब कनेक्शन से पहले नहीं होगी फिजिकल जांच
केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग के नए आदेश के अनुसार 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। पहले जमीन या मकान की जांच-पड़ताल और नाप-जोख की जाती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण उपभोक्ताओं और आम लोगों को कनेक्शन लेने में होने वाली परेशानी से राहत देना है।
मटेरियल, लेबर और सुपरविजन का अलग-अलग खर्च खत्म
पहले नया कनेक्शन लेने के लिए तार, पोल और अन्य सामग्री का खर्च, मजदूरी और सुपरविजन शुल्क अलग-अलग जोड़ा जाता था। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग एस्टिमेट का इंतजार करना पड़ता था। अब इन मदों के लिए अलग-अलग शुल्क नहीं देना होगा। इसके स्थान पर लोड के हिसाब से एकमुश्त मानक सर्विस कनेक्शन चार्ज तय किया गया है।
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सुविधा ऐप पर दिखेगी कनेक्शन की फीस
उपभोक्ता सुविधा ऐप या संबंधित बिजली कंपनी के पोर्टल पर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करते समय स्वीकृत लोड के अनुसार देय शुल्क की जानकारी मिल जाएगी। ऑनलाइन फीस जमा होने के बाद बिजली कंपनी उपभोक्ता के परिसर तक सर्विस तार पहुंचाने और मीटर लगाने का काम करेगी।
जानें कितने किलोवाट कनेक्शन पर कितनी लगेगी फीस
सिंगल फेज में 3 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 900 रुपये प्रति किलोवाट देने होंगे। यानी 3 किलोवाट के कनेक्शन पर कुल 2,700 रुपये खर्च होंगे। 3 किलोवाट से अधिक और 7 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए शुरुआती 3 किलोवाट का शुल्क 2,700 रुपये रहेगा। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये देने होंगे।
थ्री फेज कनेक्शन में 5 किलोवाट तक के लिए 4,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 5 किलोवाट से अधिक और 19 किलोवाट तक के लोड पर हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,500 रुपये देने होंगे। वहीं, 20 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 21,000 रुपये तय किए गए हैं। 20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन में इससे अधिक लोड पर प्रति किलोवाट 2,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसके अलावा 45 से 150 किलोवाट तक के एचटी कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर निर्धारित की गई है।
गांवों और छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
इस बदलाव से ग्रामीण उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे दुकानदारों को कनेक्शन लेने में होने वाली भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। अब अलग से मटेरियल, लेबर और सुपरविजन चार्ज का एस्टिमेट नहीं बनवाना होगा। निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करने के बाद तय समयसीमा में कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। यह शुल्क सामान्य विद्युतीकृत क्षेत्रों में बिजली लाइन के दायरे में नया कनेक्शन लेने पर लागू होगा।
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अब कनेक्शन से पहले नहीं होगी फिजिकल जांच
केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग के नए आदेश के अनुसार 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। पहले जमीन या मकान की जांच-पड़ताल और नाप-जोख की जाती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण उपभोक्ताओं और आम लोगों को कनेक्शन लेने में होने वाली परेशानी से राहत देना है।
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मटेरियल, लेबर और सुपरविजन का अलग-अलग खर्च खत्म
पहले नया कनेक्शन लेने के लिए तार, पोल और अन्य सामग्री का खर्च, मजदूरी और सुपरविजन शुल्क अलग-अलग जोड़ा जाता था। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग एस्टिमेट का इंतजार करना पड़ता था। अब इन मदों के लिए अलग-अलग शुल्क नहीं देना होगा। इसके स्थान पर लोड के हिसाब से एकमुश्त मानक सर्विस कनेक्शन चार्ज तय किया गया है।
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सुविधा ऐप पर दिखेगी कनेक्शन की फीस
उपभोक्ता सुविधा ऐप या संबंधित बिजली कंपनी के पोर्टल पर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करते समय स्वीकृत लोड के अनुसार देय शुल्क की जानकारी मिल जाएगी। ऑनलाइन फीस जमा होने के बाद बिजली कंपनी उपभोक्ता के परिसर तक सर्विस तार पहुंचाने और मीटर लगाने का काम करेगी।
जानें कितने किलोवाट कनेक्शन पर कितनी लगेगी फीस
सिंगल फेज में 3 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 900 रुपये प्रति किलोवाट देने होंगे। यानी 3 किलोवाट के कनेक्शन पर कुल 2,700 रुपये खर्च होंगे। 3 किलोवाट से अधिक और 7 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए शुरुआती 3 किलोवाट का शुल्क 2,700 रुपये रहेगा। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये देने होंगे।
थ्री फेज कनेक्शन में 5 किलोवाट तक के लिए 4,500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 5 किलोवाट से अधिक और 19 किलोवाट तक के लोड पर हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,500 रुपये देने होंगे। वहीं, 20 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 21,000 रुपये तय किए गए हैं। 20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन में इससे अधिक लोड पर प्रति किलोवाट 2,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसके अलावा 45 से 150 किलोवाट तक के एचटी कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर निर्धारित की गई है।
गांवों और छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
इस बदलाव से ग्रामीण उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे दुकानदारों को कनेक्शन लेने में होने वाली भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। अब अलग से मटेरियल, लेबर और सुपरविजन चार्ज का एस्टिमेट नहीं बनवाना होगा। निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करने के बाद तय समयसीमा में कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। यह शुल्क सामान्य विद्युतीकृत क्षेत्रों में बिजली लाइन के दायरे में नया कनेक्शन लेने पर लागू होगा।