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बिहार: एमएलसी चुनाव में भाजपा को लगेगा झटका, राजद छीन सकता है एक सीट

Thu, 07 Jan 2021 07:08 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार संभव Updated Thu, 07 Jan 2021 07:08 PM IST
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Bihar MLC Election BJP will lose one seat tejashwi yadav rjd may get benefit
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

बिहार में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा नेताओं में उत्साह है, लेकिन उन्हें एमएलसी चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल, बिहार में विधान परिषद की दो सीटों पर 28 जनवरी को चुनाव होना है, जिनमें एक सीट भाजपा से छिनना तय है। माना जा रहा है कि यह सीट राजद की झोली में जा सकती है। दरअसल, ये दोनों सीटें भाजपा के खाते की हैं, लेकिन मौजूदा विधायकों की संख्या के चलते भाजपा अपनी एक सीट गंवा देगी।

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इस वजह से खाली हुईं सीटें

गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद में दो सीटें खाली हैं। पहली सीट बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी के राज्यसभा सदस्य चुने जाने से खाली हुई। वहीं, दूसरी सीट खाली होने की वजह विनोद कुमार झा हैं, जो अब विधायक चुने जा चुके हैं। 
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इस वजह से भाजपा से छिनेगी सीट

जानकारों के मुताबिक, विधान परिषद में सीटों पर एमएलसी का चुनाव विधानसभा में विधायकों के संख्या बल के आधार पर होता है। इसके तहत विधान परिषद की सीटें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बंट जाती है। इसके चलते 28 जनवरी को होने वाले चुनाव में भगवा पार्टी को अपनी एक सीट गंवानी पड़ सकती है, क्योंकि सत्तापक्ष की ओर से भाजपा अपना कोई प्रत्याशी उतार सकती है, क्योंकि यह सीट उसके कोटे से खाली हुई है। इसका सीधा फायदा विपक्ष को मिल सकता है, क्योंकि दूसरी सीट पर विपक्ष दावेदारी करेगा। माना जा रहा है कि राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में वह अपना प्रत्याशी उतार सकती है।
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यह है विधानसभा का गणित

बता दें कि बिहार में एनडीए के पास 126 विधायकों का समर्थन है, जबकि महागठबंधन के साथ 110 विधायक हैं। वहीं, सात अन्य विधायक हैं। बिहार की कुल 243 सदस्यीय विधानसभा में प्रथम वरीयता के लिए कम से कम 122 वोट की जरूरत होगी। ऐसे में भाजपा अपने सहयोगी जदयू, हम और वीआईपी के सहयोग के एक सीट पक्की कर लेगी। इसके बाद दूसरी सीट जीतने के लिए उसके पास संख्या नहीं है। ऐसे में विपक्ष एकजुट होकर दूसरी सीट पर जीत दर्ज कर सकता है।

कब होंगे विधान परिषद चुनाव?

बता दें कि बिहार विधान परिषद की दोनों सीटों पर 11 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 18 जनवरी तक चलेगी। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी, 21 जनवरी को प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। अगर किसी सीट पर दो से ज्यादा प्रत्याशी उतरते हैं तो 28 जनवरी को मतदान होगा। जानकारी के मुताबिक, विनोद नारायण झा की सीट का कार्यकाल 21 जुलाई 2022 तक है, जबकि सुशील मोदी की सीट का कार्यकाल छह मई 2024 तक रहेगा।
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