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Bihar News: रिशु श्री टेंडर घोटाला केस में सीएम सम्राट सरकार की बड़ी कार्रवाई, दो IAS अफसरों को किया निलंबित
Sat, 30 May 2026 03:01 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 30 May 2026 03:01 PM IST
सार
Money Laundering Case: बिहार के चर्चित ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद अब सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने दो आईएएस अधिकारी को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर दोनों अधिकारियों पर रिशुश्री से जुड़े टेंडर घोटाले केस में संलिप्त होने के आरोप हैं। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच चल रही है।
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रिशु श्री के ठिकाने से मिली अवैध संपत्ति।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
टेंडर घोटाला केस के आरोपी और बिहार के चर्चित ठेकेदार रिशु श्री मामले में जांच और प्रशासनिक समीक्षा के बाद बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर तथा 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों पर लगे आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों पर चर्चित ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े टेंडर अनियमितता मामले में संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
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दो दिन पहले रिशुश्री के ठिकाने पर हुई छापेमारी
दरअसल, बुधवार को पटना में स्पेशल विजिलेंस की टीम ने ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर घंटों तक छापेमारी की थी। जांच में रिशुश्री के नाम पर कई अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था। इस दौरान टीम को फ्लैट से लगभग दो करोड़ के कीमती आभूषण बरामद हुए हैं। साथ ही 2.5 लाख नकद भी मिले हैं। इसके अलावा कई प्रॉपर्टी के कागजात, जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। इतना ही नहीं टीम को कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि रिशुश्री ने अपनी काली कमाई का साम्राज्य कुछ आईएएस अधिकारियों की मदद से खड़ा किया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सरकारी विभागों में टेंडर दिलाने और ठेकों के बदले अफसरों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
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गिरफ्तारी के बाद रिशुश्री से पूछताछ में कई जानकारी मिली
गुरुवार सुबह स्पेशल विजिलेंस की टीम ने ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि रिशु श्री को मीठापुर स्थित आवास गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसेस्पेशल विजिलेंस के दफ्तर ले जाया गया, उससे कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आईएएस अभिलाषा और योगेश के खिलाफ कुछ अहम साक्ष्य हाथ लगे। इसके बाद सरकार ने यह बड़ी कार्रवाई की।
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सीधे आईएएस अधिकारियों से बनाता था संबंध
मिली जानकारी के मुताबिक रिशुश्री के संबंध कई आईएएस अधिकारियों के साथ रहे हैं, जिनमें संजीव हंस का नाम भी चर्चा में पहले से ही है। हालांकि, इस बात की पुष्टि के संबंध में विशेष निगरानी इकाई की टीम का कहना है कि इस बिंदु पर फिलहाल जांच की जा रही है। चर्चा यह भी है कि रिशु श्री सीधे आईएएस अधिकारियों से ही बात करता था और फिर अपने अनुरूप काम करता भी था और काम करवाता भी था। जांच में सामने आया है कि रिशुश्री का सरकारी विभागों में नीचे से लेकर ऊपर तक एक मजबूत नेटवर्क था। वह छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक को मोटी रिश्वत देकर पूरा सिस्टम 'सेट' करता था। मनचाही कंपनियों को टेंडर दिलाने के बदले आठ से दस फीसदी तक कमीशन लिया जाता था, जो कई अधिकारियों में बंटता था। सरकारी योजनाओं में जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर बजट पास कराया जाता था और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी पैसे का गबन होता था। रिशुश्री खुद भी अपनी छह से सात फर्जी कंपनियों के नाम पर सरकारी काम लेता था। टीम को यह भी पता चला है कि रिशुश्री टेंडर मैनेज करने के बदले अधिकारियों को महंगे तोहफे और सुविधाएं देता था। कुछ अधिकारियों को उसके खर्चे पर विदेश यात्राएं भी कराई गई थीं।