बिहार: प्रदेश में सुधा बूथ की तर्ज पर खुलेंगे मछली बिक्री केंद्र, अब एक ही जगह मिलेंगी ताजी और जीवित मछलियां
बिहार में अब लोगों को ताजी और जीवित मछलियां खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सुधा बूथ की तर्ज पर राज्य में 100 फ्रेश कैच कियोस्क खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को पटना के मीठापुर में राज्य के पहले कियोस्क का उद्घाटन किया।
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अब बिहार में लोगों को ताजी मछलियां खरीदने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। दूध की बिक्री के लिए संचालित सुधा बूथ की तर्ज पर राज्य में फ्रेश कैच कियोस्क विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर उपभोक्ताओं को स्वच्छ और आधुनिक व्यवस्था के बीच ताजी एवं जीवित मछलियां उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन परिसर में राज्य के पहले फ्रेश कैच कियोस्क का किया।
पटना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट अकाउंट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से 1,06,063 लाभार्थियों के बैंक खातों में 68,51,27,060 रुपये (68.51 करोड़ रुपये) की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण किया। यह भुगतान 1,46,66,061 लीटर दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है।
पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कॉम्फेड के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुधा का विस्तार बिहार से बाहर भी किया जा रहा है। असम के तेजपुर में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई शुरू हो चुकी है। अन्य इकाईयां स्थापित करने की योजना है।
राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का लक्ष्य है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियों का गठन किया गया है और राज्य में कुल 33,897 समितियां सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का संग्रहण हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दूध संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003456199 पर 'सुधा संपर्क' कॉल सेंटर भी संचालित है।
3,200 'सुधा सखी' तैयार करने का लक्ष्य है। जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में 'जीविका-सुधा बिक्री केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त महिलाओं को पशु औषधि बिक्री केंद्रों के संचालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्य में पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर पोषण उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, डुमरांव में बछिया पालन केंद्र, मुंगेर में सीमेन स्टेशन तथा 12 टोटल मिक्स्ड राशन (टीएमआर) संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के दूध, तरकारी एवं मछली को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कोल्ड चेन और डीप फ्रीजर जैसी सुविधाओं से लैस होंगे बिक्री केंद्र
फ्रेश कैच कियोस्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि मछलियों की गुणवत्ता और ताजगी बरकरार रखी जा सके। इसके लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर, डिस्प्ले काउंटर, स्वच्छ जल, जल निकासी, बिजली और बैकअप की व्यवस्था होगी। इसके अलावा डिजिटल भुगतान और अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इन व्यवस्थाओं से उपभोक्ताओं को साफ-सुथरे वातावरण में मछलियां खरीदने का अवसर मिलेगा। वहीं, मछलियों की नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए स्थानीय मत्स्य उत्पादकों और कियोस्क संचालकों के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

दुग्ध उत्पादकों के हित में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाए, जिसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता, फैट एवं एसएनएफ की मात्रा और भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान बन चुका 'सुधा' ब्रांड अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित करेगा। सरकार का लक्ष्य सुधा को एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसके लिए दुग्ध प्रसंस्करण, उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गेट नंबर-2, जैविक उद्यान, पटना में सुधा कैफेटेरिया एवं तरकारी दुकान का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मीठापुर स्थित मीन भवन परिसर में फ्रेश कैच कियोस्क एवं सुधा पार्लर का उद्घाटन किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और उपलब्ध ताजी मछलियों की विभिन्न प्रजातियों को भी देखा।
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मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 100 'फ्रेश कैच कियोस्क' स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से बिहार की ताजी मछलियों को एक ब्रांड के तहत बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि गांव, किसान, पशुपालक, महिलाएं और युवा सभी बिहार की विकास यात्रा के भागीदार बनें। दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, सहकारिता और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाना है।