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Bihar: मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस समारोह, विशेष व्याख्यान का भी आयोजन
Mon, 22 Dec 2025 08:03 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 22 Dec 2025 08:03 PM IST
सार
Bihar: प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मजहरुल हक की जयंती और मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर आज समारोह आयोजित हुआ। प्रमुख अतिथि प्रो. सैयद रजा ने उनके देशभक्ति, सिद्धांत और राष्ट्रीय एकता में योगदान को याद किया।
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संबोधन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मजहरुल हक के जन्म दिवस 22 दिसंबर के अवसर पर मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में आज एक समारोह का आयोजन किया गया। उनके नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय का आज स्थापना दिवस भी है। इस अवसर पर एक विशेष व्याख्यान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
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जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा से सेवानिवृत्त प्रोफेसर सैयद रजा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और मौलाना मजहरुल हक के जीवन और सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने मुख्य संबोधन में उन्होंने कहा कि मौलाना मजहरुल हक एक सच्चे देशभक्त थे और अपने सिद्धांतों के प्रति अत्यंत प्रतिबद्ध थे। उन्होंने कभी अवसरवादिता से काम नहीं लिया। जो बात उन्हें अनुचित लगती थी, उसे वे कभी स्वीकार नहीं करते थे। उन्होंने आगे कहा कि मौलाना मजहरुल हक देश में राष्ट्रीय एकता, हिंदू–मुस्लिम सौहार्द और भाईचारे के प्रबल समर्थक थे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अनवारुल हक़ अंसारी ने की। उन्होंने मौलाना मज़हरुल हक़ को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की और विश्वविद्यालय में और अधिक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ उर्दू विभाग के शोधार्थी शमीम अख़्तर द्वारा पवित्र क़ुरआन के पाठ से हुआ। वहीं उर्दू विभाग के सेमेस्टर–1 के छात्र यावर राशिद ने विश्वविद्यालय का तराना प्रस्तुत किया। उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. तौकीर आलम ने मौलाना मजहरुल हक़ को श्रद्धांजलि स्वरूप कतआत और नज़्म प्रस्तुत की। डॉ. शकील अहमद ख़ान ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। तलअत जबीं ने नात प्रस्तुत की तथा विश्वविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने भजन, गजल, नाटक और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति-चिह्न (मेमेन्टो) प्रदान किए गए।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में मौलाना मज़हरुल हक़ पर आधारित एक संग्रहालय का आयोजन किया गया। मौलाना मज़हरुल हक़ द्वारा प्रकाशित समाचारपत्र ‘मदर लैंड’ की प्रतियाँ भी प्रदर्शित की गईं, जिससे लोगों को इस दुर्लभ समाचारपत्र को देखने का अवसर मिला। इस अवसर पर डीन, ह्यूमैनिटीज़ डॉ. इजाज़ आलम, डीन, एजुकेशन डॉ. असदुल्लाह ख़ान, विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक, विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएँ इस अवसर पर उपस्थित थे।