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Bihar Election: पटना साहिब से मेयर के पुत्र ने नाम लिया वापस, भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में करेंगे चुनाव प्रचार
Mon, 20 Oct 2025 09:18 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 20 Oct 2025 09:18 PM IST
सार
Bihar Election: शिशिर कुमार ने टिकट नहीं मिलने से नाराज़ होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया था, जिससे बीजेपी के लिए इस सीट पर मुश्किलें बढ़ गई थीं। उनकी उम्मीदवारी वापसी को सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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भाजपा के लिए करेंगे प्रचार-प्रसार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पटना साहिब के निर्दलीय प्रत्याशी और मेयर पुत्र शिशिर कुमार ने सोमवार को अपना नाम वापस ले लिया है। अब शिशिर कुमार भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रत्नेश कुशवाहा के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। इस बात की जानकारी शिशिर को करने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने पार्टी के कुछ बड़े नेताओं को दलाल करके संबोधित किया।
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बताते चले की भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे शिशिर कुमार पटना साहिब से भाजपा के सीट पर चुनाव लड़ना चाहते थे।
काफी प्रयास के बाद उन्हें पटना साहिब से टिकट नहीं मिला। इसे लेकर शिशिर कुमार पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पटना साहिब से किया था। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उनके गार्जियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नित्यानंद राय के द्वारा उन्हें गोल बंद करके भाजपा प्रत्याशी रत्नेश कुशवाहा को समर्थन करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की बात को मानते हुए सोमवार को अपना नाम वापस ले लिया। अब वह भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को पटना साहिब से चुनाव जीतने के लिए उनका चुनाव प्रचार करेंगे।
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शिशिर कुमार ने टिकट नहीं मिलने से नाराज़ होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, जिससे बीजेपी के लिए इस सीट पर मुश्किलें बढ़ गई थीं। उनकी उम्मीदवारी वापसी को सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। शिशिर कुमार के इस फैसले के पीछे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात बताई जा रही है। ख़बरों के अनुसार, देश के गृह मंत्री के पटना दौरे के दौरान शिशिर कुमार से उनकी मुलाकात हुई थी।
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माना जा रहा है कि गृह मंत्री से हुई इस बातचीत के बाद ही शिशिर कुमार ने चुनाव मैदान से हटने का मन बनाया। इस हाई-प्रोफाइल हस्तक्षेप ने न सिर्फ़ एक बाग़ी उम्मीदवार को शांत किया, बल्कि पार्टी के भीतर के असंतोष को भी नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। नामांकन वापसी के दौरान, शिशिर कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। वह अकेले नहीं, बल्कि BJP प्रत्याशी रत्नेश कुशवाहा के साथ पटनासिटी अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। जहां शिशिर कुमार ने अपना नाम वापस लिया और सार्वजनिक रूप से एकता का परिचय दिया। यह कदम क्षेत्र के वोटरों के बीच एक नए समीकरण और गठबंधन की राजनीति का संकेत देता है।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से शिशिर कुमार के समर्थकों में मायूसी छा गई है। उनके समर्थक, जो उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जिताने के लिए कमर कस चुके थे, अब निराश हैं। शिशिर कुमार के इस कदम ने उनके राजनीतिक भविष्य और अगली रणनीति को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, नामांकन वापसी के इस निर्णय को राजनीतिक परिपक्वता और शीर्ष नेतृत्व के प्रति सम्मान के रूप में भी देखा जा रहा है। शिशिर कुमार की वापसी से अब इस सीट पर मुख्य मुकाबला और स्पष्ट हो गया है, जबकि भाजपा प्रत्याशी के साथ उनकी एकजुटता ने आगे की राजनीति की दिशा भी तय कर दी है।