Bihar Election: जदयू ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की, भाजपा ने दिया समर्थन; CEC के साथ बैठक में ऐसा कहा
Patna News: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि हमने आयोग से कहा कि नियमों के अनुसार, घोषणा के कम से कम 28 दिन बाद चुनाव कराए जा सकते हैं। अगर अगले कुछ दिनों में चुनाव की घोषणा होती है, तो मतदान तीन या चार नवंबर तक कराया जा सकता है।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तारीखों की घोषणा से पहले शनिवार को मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार ने अपनी टीम के साथ बिहार के 12 राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। बैठक में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की। जनता दल यूनाईटेड की इस मांग को भारतीय जनता पार्टी ने भी समर्थन किया। बैठक के बाद बाहर आए नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत की। जदयू के सांसद संजय कुमार झा ने बैठक के बाद कहा कि हमने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रखी। बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य (SIR) हुआ है, और बिहार देश को दिखाएगा कि यह कैसे किया जाता है। हमने आग्रह किया है कि बिहार में चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। अगर महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हो सकते हैं, तो बिहार में क्यों नहीं?
भाजपा ने कहा- एक या दो चरणों में चुनाव की मांग
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भी चुनाव आयोग से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर आने वाली बुर्का पहनने वाली महिलाओं के चेहरों का मिलान उनके वोटर आईडी कार्ड (EPIC) से सुनिश्चित किया जाए, ताकि केवल वास्तविक मतदाता ही अपने मत का प्रयोग कर सकें। जायसवाल ने बताया कि उनकी अगुवाई में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से बूथ कैप्चरिंग और मतदाताओं के डराने-धमकाने की घटनाओं की आशंका वाले इलाकों में अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमने अनुरोध किया है कि कमजोर वर्गों, जैसे अत्यंत पिछड़े वर्गों की अधिक जनसंख्या वाले गांवों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती मतदान से कुछ दिन पहले ही की जाए और फ्लैग मार्च जैसे अभियानों के जरिए मतदाताओं में विश्वास पैदा किया जाए।
Bihar Election: पटना में राजनीतिक दलों के साथ मीटिंग कर रहे मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार, यह दल शामिल हुए
नदी किनारे के इलाकों में विशेष सुरक्षा की जरूरत
भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि उन नदी क्षेत्रों में, जहां पहले बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, वहाँ घुड़सवार बलों की भी तैनाती की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को सुझाव दिया है कि मतदान के बाद पोलिंग एजेंट अपने-अपने प्रिसाइडिंग ऑफिसर से फॉर्म 17C ज़रूर प्राप्त करें। कई बार एजेंट बिना यह फॉर्म लिए ही चले जाते हैं, जिससे बाद में विवाद की गुंजाइश बनती है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनावों में और देरी नहीं होनी चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द संपन्न कराया जाना चाहिए।
लगभग दो लाख बीएलए को सहभागिता के लिए बधाई दी गयी
चुनाव आयोग के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भाजपा ने 16 सूत्री सुझाव और मांग चुनाव आयोग के सामने रखी है। इस संदर्भ में भाजपा ने एक पत्र भी चुनाव आयोग को सौंपा है। बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, चुनाव प्रबंधन विभाग के प्रदेश संयोजक राधिका रमण और विधि प्रकोष्ठ के संयोजक विंध्याचल राय द्वारा सौंपे गए इस पत्र में मतदाता सूची की तैयारी पारदर्शी एवं बेहतर तरीके से करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग को तथा सभी 38 जिला एवं 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए लगभग दो लाख बीएलए को सहभागिता के लिए बधाई दी गयी।
घुड़सवार सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की करने की मांग की है
बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि भाजपा ने एक चरण में चुनाव कराने की अपनी मांग रखी है। भाजपा ने मतदान केन्द्र के विभिन्न धार्मिक स्थल के पास होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार आयोग को इससे जुड़े शिकायत करने के बाद भी इन मतदान केन्द्र को नहीं बदला जा रहा है। ये सभी मतदान केन्द्र आज से 30 वर्ष पूर्व से बने हुए हैं। चुनाव के पूर्व इन सभी मतदान केन्द्रों की जांच कर नये सरकारी भवन में मतदान केन्द्र स्थित कर दिया जाय, जो मतदाता के घर से नजदीक भी होगा और इसे मतदान का प्रतिशत भी बढ़ेगा। भाजपा ने मतदाताओं को चुनाव प्रारंभ होते ही वोटर स्लिप सही ढंग से बंटवाने और चुनाव के दौरान दियारा एवं टाल क्षेत्रों में घुड़सवार सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की करने की मांग की है।
सीपीआई एमएल ने कहा- दो चरणों में संपन्न करवाया जाए चुनाव
वहीं सीपीआई एमएल की ओर से मांग की गई है कि आगमी चुनाव को दो चरणों में संपन्न करवाया जाए। कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है, हम आपसे कहना चाहेंगे कि कई चरणों में चुनाव बोझिल, खर्चीला व थकाउ होता है, खासकर हम जैसी पार्टियों के लिए. इसलिए आपसे आग्रह है कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में ही संपन्न कराई जाए। सीपीआई एमएल की ओर से बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित तीनों केंद्रीय चुनाव आयुक्त आज पटना में सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाक़ात एवं वार्ता के कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी क्रम में पार्टी की ओर से कामरेड संतोष सहर, कामरेड कुमार परवेज और कामरेड रणविजय कुमार का तीन सदस्यीय शिष्टमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाक़ात की। शिष्टमंडल ने आयोग के समक्ष एसआईआर (SIR) एवं चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें मुख्य रूप से पोलिंग के दिन प्रत्येक मतदान अभिकर्ता को अनिवार्य रूप से फॉर्म 17C उपलब्ध कराना, दलित, वंचित और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विशेष बूथ की व्यवस्था करना तथा जगह के अभाव में चलंत बूथ (mobile booth) की सुविधा सुनिश्चित करना शामिल था।