Bihar Crime: दीघा में 50 लाख की रंगदारी मांगने वाले चार कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कामयाबी
Bihar: मरीन ड्राइव क्षेत्र में मकान निर्माण करा रहे एक रिटायर्ड मरीन कैप्टन से अपराधियों ने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, अपराधियों ने यह भी धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, तो "जितनी बार थाने जाओगे, उतनी बार खोपड़ी खोल दी जाएगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी के दीघा थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में चार कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी मरीन ड्राइव क्षेत्र से की गई। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य तीन अपराधी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार चारों अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से एक अपराधी पटना के कदमकुआं थाने की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। पुलिस का कहना है कि ये सभी एक सक्रिय रंगदारी गिरोह से जुड़े हुए हो सकते हैं। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
कैप्टन से मांगी गई थी रंगदारी, पहले पिता की हो चुकी है हत्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मरीन ड्राइव क्षेत्र में मकान निर्माण करा रहे एक रिटायर्ड मरीन कैप्टन से अपराधियों ने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, अपराधियों ने यह भी धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, तो "जितनी बार थाने जाओगे, उतनी बार खोपड़ी खोल दी जाएगी"। गौरतलब है कि पीड़ित के पिता, डॉ. मोहम्मद अफजल की भी वर्ष 2016 में दीघा आईटीआई कॉलेज गेट के पास हत्या कर दी गई थी। उस समय भी इस हत्याकांड को लेन-देन से जोड़कर देखा गया था। अब एक बार फिर परिवार को रंगदारी के नाम पर धमकाया गया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
पढ़ें: स्कूल के जमीनदाता ने ही स्कूल में जड़ा ताला, बच्चे पढ़ाई से वंचित; जानें क्या है पूरा मामला
विशेष टीम का गठन, वैज्ञानिक तरीके से जांच
शिकायत मिलते ही पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार और मध्य पटना सिटी एसपी स्वीटी सेहरावत के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। दीघा थानाध्यक्ष संतोष सिंह और अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और निगरानी के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान अपराधियों के पास से एक सफेद स्विफ्ट डिज़ायर कार, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
दीघा में पहले भी रही है रंगदारी की घटनाएं
दीघा क्षेत्र में रंगदारी और अपराध की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। वर्ष 2016 में गंगा पथ (मरीन ड्राइव) परियोजना को लेकर भी रंगदारी और गैंगवार की आशंका जताई गई थी। तब भी कई बड़े अपराधियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद भी समय-समय पर दीघा क्षेत्र में हिंसक झड़पें, पुलिस पर हमले और अवैध निर्माण के दौरान अपराधियों की संलिप्तता सामने आती रही है। इस बार मरीन कैप्टन से रंगदारी की घटना ने एक बार फिर इस क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसले को उजागर कर दिया है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर चार अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दीघा थाना क्षेत्र में लगातार दबिश दी जा रही है और संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है। पटना पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी प्रकार की रंगदारी या धमकी मिलती है तो वे बिना किसी भय के पुलिस को सूचित करें।