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Bihar: किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम, सकरी और रैयाम में होगी नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना
Mon, 23 Feb 2026 08:19 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 23 Feb 2026 08:19 PM IST
सार
बिहार सरकार के सहकारिता विभाग और राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (NFCSF), नई दिल्ली ने सकरी और रैयाम में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
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(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार सरकार के सहकारिता विभाग और राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (NFCSF), नई दिल्ली के बीच 23 फरवरी 2026 को नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कदम राज्य में गन्ना उत्पादन और सहकारी उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
MoU पर हस्ताक्षर और जिम्मेदारियां
MoU पर सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव अब्दुल रब खाँ और NFCSF के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवारे ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत NFCSF सकरी और रैयाम में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए संभाव्यता (Viability) प्रतिवेदन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करेगा। इसके अलावा NFCSF को अन्य परामर्शी सेवाएँ प्रदान करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
परियोजना का दायरा और उद्देश्य
सकरी और रैयाम में प्रस्तावित गन्ना कॉम्पलेक्स में चीनी उत्पादन के साथ-साथ पावर जनरेशन, इथेनॉल उत्पादन और Compressed Bio Gas (CBG) उत्पादन भी शामिल होगा। बंद पड़ी सकरी चीनी मिल में 30.848 एकड़ और रैयाम चीनी मिल में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसे सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।
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चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना
NFCSF पहले संभाव्यता प्रतिवेदन तैयार करेगा। इसकी स्वीकृति के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर कार्यान्वयन एजेंसी को सौंपा जाएगा। DPR की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। NFCSF की टीम पटना में मौजूद है और क्षेत्र अध्ययन के लिए सकरी और रैयाम की ओर प्रस्थान कर चुकी है। यह टीम अगले 7-8 दिनों तक क्षेत्र का अध्ययन करेगी।
गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभ
सकरी और रैयाम में स्थापित सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में गन्ना उत्पादक किसानों की सहकारी समिति बनेगी। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार मिलेगा और उन्हें गन्ना का उचित मूल्य प्राप्त होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई पूंजी का संचार होगा।
NFCSF का अनुभव और बिहार में योगदान
प्रकाश नाईकनवारे ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में चीनी मिलों की स्थापना और पुनरुद्धार में NFCSF का व्यापक अनुभव है। उनकी टीम के तकनीकी विशेषज्ञ बिहार में मिलों की स्थापना से राज्य के उद्योग में समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए उनकी संस्था सदैव तत्पर है।
गन्ना उद्योग का महत्व
ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार अनिल कुमार झा ने कहा कि बिहार में गन्ना उत्पादन का पुराना इतिहास है और संभावनाएँ असीम हैं। सकरी और रैयाम में सहकारिता मॉडल पर चीनी मिलों की स्थापना राज्य सरकार का निर्णय है। MoU के तहत NFCSF संभाव्यता और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करेगा ताकि जल्द से जल्द मिलों को पुनः चालू किया जा सके।
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि NFCSF के अनुभव से मिलों की स्थापना प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाएं आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगी। निबंधक सहयोग समितियाँ रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि यह परियोजना बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों, सहकारी समितियों और चीनी उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के लिए लाभकारी होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार विकास कुमार बरियार ने दिया।
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MoU पर हस्ताक्षर और जिम्मेदारियां
MoU पर सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव अब्दुल रब खाँ और NFCSF के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवारे ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत NFCSF सकरी और रैयाम में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए संभाव्यता (Viability) प्रतिवेदन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करेगा। इसके अलावा NFCSF को अन्य परामर्शी सेवाएँ प्रदान करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
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परियोजना का दायरा और उद्देश्य
सकरी और रैयाम में प्रस्तावित गन्ना कॉम्पलेक्स में चीनी उत्पादन के साथ-साथ पावर जनरेशन, इथेनॉल उत्पादन और Compressed Bio Gas (CBG) उत्पादन भी शामिल होगा। बंद पड़ी सकरी चीनी मिल में 30.848 एकड़ और रैयाम चीनी मिल में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसे सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।
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चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना
NFCSF पहले संभाव्यता प्रतिवेदन तैयार करेगा। इसकी स्वीकृति के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर कार्यान्वयन एजेंसी को सौंपा जाएगा। DPR की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा। NFCSF की टीम पटना में मौजूद है और क्षेत्र अध्ययन के लिए सकरी और रैयाम की ओर प्रस्थान कर चुकी है। यह टीम अगले 7-8 दिनों तक क्षेत्र का अध्ययन करेगी।
गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभ
सकरी और रैयाम में स्थापित सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में गन्ना उत्पादक किसानों की सहकारी समिति बनेगी। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार मिलेगा और उन्हें गन्ना का उचित मूल्य प्राप्त होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई पूंजी का संचार होगा।
NFCSF का अनुभव और बिहार में योगदान
प्रकाश नाईकनवारे ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में चीनी मिलों की स्थापना और पुनरुद्धार में NFCSF का व्यापक अनुभव है। उनकी टीम के तकनीकी विशेषज्ञ बिहार में मिलों की स्थापना से राज्य के उद्योग में समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए उनकी संस्था सदैव तत्पर है।
गन्ना उद्योग का महत्व
ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार अनिल कुमार झा ने कहा कि बिहार में गन्ना उत्पादन का पुराना इतिहास है और संभावनाएँ असीम हैं। सकरी और रैयाम में सहकारिता मॉडल पर चीनी मिलों की स्थापना राज्य सरकार का निर्णय है। MoU के तहत NFCSF संभाव्यता और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करेगा ताकि जल्द से जल्द मिलों को पुनः चालू किया जा सके।
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि NFCSF के अनुभव से मिलों की स्थापना प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाएं आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगी। निबंधक सहयोग समितियाँ रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि यह परियोजना बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों, सहकारी समितियों और चीनी उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के लिए लाभकारी होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार विकास कुमार बरियार ने दिया।