Bihar: मारपीट में घायल युवक की मौत के बाद बवाल, सड़क जाम में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी
Bihar; मृतक के परिजनों ने कहा कि 13 जुलाई को हुए हमले की सूचना के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा और अंततः अनवर की जान चली गई। उन्होंने तत्काल गिरफ्तारी, उचित मुआवजा और सुरक्षा की मांग की
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नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद में घायल एक युवक की मौत के बाद रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने हिलसा-एकंगरसराय मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का काफिला भी जाम में फंस गया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल काफिले को रोका बल्कि जमकर नारेबाजी भी की।
खेत की मेड़ को लेकर हुई थी मारपीट
घटना हिलसा थाना क्षेत्र के जूनियार गांव की है, जहां 13 जुलाई को खेत में मेड़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। इस घटना में सात लोग घायल हुए थे। इनमें गंभीर रूप से घायल अनवर हुसैन को पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की मौत की खबर मिलते ही गांव में तनाव फैल गया। गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को लेकर हिलसा के मीना बाजार पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर हिलसा-एकंगरसराय मुख्य मार्ग जाम कर दिया। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। लोग दोषियों की गिरफ्तारी, मुआवजे और पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री से की शिकायत
इसी दौरान पटना से गया जा रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का काफिला जाम स्थल पर पहुंचा। लोगों ने काफिला रोककर पूर्व मुख्यमंत्री से वार्ता की और उन्हें पुलिस प्रशासन की उदासीनता के बारे में बताया। परिजनों का आरोप था कि घटना को दो सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों ने कहा कि 13 जुलाई को हुए हमले की सूचना के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा और अंततः अनवर की जान चली गई। उन्होंने तत्काल गिरफ्तारी, उचित मुआवजा और सुरक्षा की मांग की।
क्या बोले डीएसपी?
हिलसा डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि जूनियार गांव में खेत की मेड़ को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के सात लोग घायल हुए थे। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके विरोध में मीना बाजार के पास सड़क जाम किया गया था। सूचना पर वरीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया गया और जाम समाप्त कराया गया। डीएसपी ने बताया कि परिजनों को आश्वस्त किया गया है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। शीघ्र ही आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट से वारंट लेकर कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक चला यह जाम और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का काफिला लगभग एक घंटे तक उसमें फंसा रहा।