{"_id":"602e4d42f3e9b828d4174af3","slug":"bihar-alien-baby-born-and-died-within-hours-in-gopal-ganj","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार : गोपालगंज में हुआ एलियन बेबी का जन्म, स्वास्थ्यकर्मी भी देखकर सहम गए, देखने उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार : गोपालगंज में हुआ एलियन बेबी का जन्म, स्वास्थ्यकर्मी भी देखकर सहम गए, देखने उमड़ी भीड़
Thu, 18 Feb 2021 07:17 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 18 Feb 2021 07:17 PM IST
विज्ञापन
बिहार : गोपालगंज जिले में एलियन बेबी का जन्म हुआ
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ अनुमंडल अस्पताल में गुरुवार को एक एलियन बेबी का जन्म हुआ। प्रसूति के बाद उसे देखकर स्वास्थ्यकर्मी डर गए थे। जैसे ही यह खबर अस्पताल व अन्य जगह फैली उसे देखने के लिए भीड़ उमड़ गई। इस बच्चे की आंखें बड़ी-बड़ी व सूर्ख थी और शरीर की त्वचा सफेद नजर आ रही थी। हालांकि चंद घंटों में ही इस नवजात ने दम तोड़ दिया। मध्यप्रदेश के शहडोल में भी अक्तूबर 2018 में ऐसे बच्चे का जन्म हुआ था।उसने भी जन्म के कुद घंटे में ही दम तोड़ दिया था।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपालगंज के मीरगंज के साहिबा चक्र गांव के चुनचुन यादव की पत्नी ने इस विचित्र बच्चे को जन्म दिया। यादव की गर्भवती पत्नी को बुधवार को हथुआ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार सुबह महिला ने उसकी प्रसूति कराई गई।
विज्ञापन
बड़े-बड़े दांत व शरीर की बनावट अलग थी
प्रसूति के बाद जब डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात बच्चे को देखा तो उनकी आंखें फटी रह गईं। बच्चे की दोनों आंखें बड़ी-बड़ी व सुर्ख थीं। ऊपर के जबड़े में वयस्कों जैसे बड़े—बड़े दांत थे। शरीर की त्वचा पर सफेद रंग का आवरण था। जिसने भी उसे देखा हैरान रह गया।
विज्ञापन
मात्र ढाई घंटे रही जिंदा
इस विचित्र बच्चे की सांसें मात्र ढाई घंटे चलीं। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। प्रसूता की यह दूसरी डिलीवरी थी। दो साल पहले उसने सामान्य बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन सात दिन बाद उसे बच्चे की भी मौत हो गई थी। जच्चा अभी स्वस्थ है। अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
क्यों होता है विचित्र बच्चों का जन्म
डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता के जीन में बदलाव, जिसे जेनेटिक म्यूटेशन कहा जाता है, के कारण ऐसे बच्चों का जन्म होता है। पूर्व में पैदा हुए विचित्र बच्चे भी ज्यादा वक्त तक जी नहीं पाए थे। इनकी अधिकतम सात दिन की आयु मानी गई है। ऐसे बच्चों के सभी अंग विकसित नहीं होते हैं। इनकी त्वचा पर एक परत होती है, जिसके कारण वह प्राणवायु ग्रहण नहीं कर पाती। इसे हर्लेक्विन इचथिस्योसिस बीमारी कहा जाता है।
पटना की शैली आई याद, सलमान व कुणाल ने उठाया था खर्च
ऐसे बच्चे का जन्म बिहार में पहली बार नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि 10 लाख बच्चों में से एक ऐसा होता है। इससे पहले विचित्र बीमारी से ग्रस्त पटना की शैली का मामला सामने आया था। उसे विचित्र बीमारी थी। खेल-खेल में उसकी आंखें बाहर निकल जाती थी। उसकी बीमारी का खर्च अभिनेता सलमान खान व कुणाल कपूर ने उठाया था।