बिहार : 'पापा की हत्या हुई, गवाही के सात दिन पहले चाचा को मार डाला'- शराब कांड को लड़की ने हत्या की ओर मोड़ा
Bihar News : पटना में जिन चार युवकों की शराब की घूंट के साथ मौत हो गई थी, उसमें हत्या की साजिश अब खुलकर सामने ला रहे परिजन। मृत एक युवक की भतीजी ने विधायक के सामने 17 साल पहले पिता की हत्या के बाद से चल रही साजिशों की कहानी सुनाई।
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पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बेढ़ना गांव के सैदपुर टोला में चार युवकों की मौत के मामले में मृतक पंकज सिंह की भतीजी ने नया खुलासा किया है। जहरीली शराब नहीं, जहर से हत्या का आरोप लगाया है। चार युवकों की मौत के बाद मिलने आए विधायक के सामने मृतकों में से एक पंकज की भतीजी अनु कुमारी ने कहा कि 2009 में उसके पिता की हत्या की गई थी। उस समय भी उसके पिता की हत्या कर शव को बोरे में बंद कर गांव के पास स्थित सड़क के किनारे फेंक दिया गया था। इस मामले में पांच सितंबर को चाचा पंकज की गवाही थी। पिता की हत्या के आरोपी धमकी देते थे। गवाही से एक सप्ताह पहले किसी ने साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी है।
विधायक के पैर पकड़ रोते हुए बताया सबकुछ
मंगलवार को बख्तियारपुर के लोजपा विधायक अरुण कुमार शाह का पैर पकड़ कर रोते हुए अनु कुमारी ने बताया कि वह अभी वह एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती है, वहां भी उसे बराबर धमकी मिलती रहती है। चाचा पंकज को केस कॉम्प्रोमाइज करने की धमकी मिलती रहती थी, लेकिन उन्होंने केस कॉम्प्रोमाइज नहीं किया, इस कारण उनकी हत्या कर दी गई है। उसकी मां दो हजार रुपए के तनख्वाह पर स्कूल में बर्तन साफ करती है। उसकी चार बहनों में से तीन बहनों की शादी हो चुकी है।
दो दिन में पुलिस पक्का कुछ नहीं ला सकी सामने
रविवार को एक घंटे के अंदर चार युवकों की मौत का मामला शुरुआत में जहरीली शराब का बताया जा रहा था, लेकिन अब यह मामला साजिशन हत्या का बनता दिख रहा है। हालांकि, इस मामले के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। पुलिस ने अब तक तीन युवकों को गिरफ्तार किया है और 42 शराब बेचने या पीने वालों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए पांचवें युवक की निशानदेही पर एक दवा कारोबारी और एक शराब कारोबारी को भी हिरासत में लिया गया है। शराब कहां से आई और किसने पहुंचाई, यह अब तक साफ नहीं हो सका है।
बेढ़ना गांव में मृतक के परिजनों से मिलने मोकामा विधायक अनंत सिंह पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए की आर्थिक मदद की और आगे भी मदद करने का आश्वासन दिया है। वहीं मामले में मृतक के परिजनों से सोमवार को उमानाथ सती स्थान में मिलने पहुंचे स्थानीय बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह को लोगों ने खदेड़ दिया। लोगों में इस बात की नाराजगी थी कि जब वह बाढ़ में ही थे, तो वह मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित मृतक के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचे और 24 घंटे बीत जाने के बाद वह उमानाथ सती स्थान पहुंचे हैं। लोगों ने वहां उनसे अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया, जिससे स्थानीय विधायक तुरंत उठकर वहां से निकल गए। वहीं मंगलवार को बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू भी परिजनों से मिलने पहुंचे।
(इनपुट- गोविंद कुमार, बाढ़)