Badal Murder Case: पूर्व सांसद ने रोहतास एसपी से मिलकर की CID जांच की मांग; BPSC छात्र प्रदर्शन पर पीके पर तंज
Rohtas News: सुशील कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अब इसकी जांच सीआईडी के हाथों सौंपी जाएगी। वहीं, उन्होंने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पर बीपीएससी छात्र आंदोलन में शामिल होने को लेकर तंज कसा है।
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विस्तार
रोहतास के सासाराम में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित बादल हत्याकांड को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में यातायात डीएसपी और उनके बॉडीगार्ड की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने शुक्रवार को रोहतास एसपी रोशन कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया।
सीआईडी जांच की मांग
सुशील कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अब इसकी जांच सीआईडी के हाथों सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में डीएसपी और उनके बॉडीगार्ड की भूमिका संदिग्ध है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हत्याकांड ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है और जनता न्याय की उम्मीद लगाए बैठी है।
प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरोप
पत्रकारों द्वारा प्रशांत किशोर के बयान पर पूछे गए सवाल पर सुशील कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी मांगें रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। लेकिन प्रशांत किशोर ने छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की। छात्रों ने उनकी इस कोशिश को नकार दिया, जिससे नाराज होकर उनके सहयोगियों ने छात्रों को धमकी और गालियां दीं। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन उनके हक और भविष्य से जुड़ा है। यह राजनीति से परे रहना चाहिए।
‘सुराज की बात करने वालों से क्या उम्मीद?’
प्रशांत किशोर द्वारा बिहार सरकार को ‘अफसरराज’ कहे जाने पर सुशील कुमार सिंह ने पलटवार कर कहा कि जो लोग सुराज (अच्छे शासन) की बात करते हैं, वे खुद छात्रों का अपमान कर रहे हैं। ऐसे में उनसे कोई उम्मीद करना बेकार है। अगर वे वाकई छात्रों के हितैषी होते तो आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश नहीं करते। उन्होंने प्रशांत किशोर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके इस व्यवहार से उनकी मंशा स्पष्ट होती है।
छात्रों के आंदोलन पर फोकस
सासाराम में छात्रों का आंदोलन प्रशासनिक लापरवाही और न्याय की मांग को लेकर चल रहा है। सुशील कुमार सिंह ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और इस हत्याकांड में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है बादल हत्याकांड?
सासाराम के बहुचर्चित बादल हत्याकांड में यातायात डीएसपी और उनके बॉडीगार्ड पर हत्या में संलिप्तता के आरोप लगे हैं। बादल की हत्या ने स्थानीय जनता को झकझोर दिया है और लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंपने का फैसला किया है।
सुशील कुमार सिंह का आश्वासन
पूर्व सांसद ने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे प्रशासन पर विश्वास रखें और शांति बनाए रखें। सिंह ने कहा कि यह मामला न केवल न्याय का सवाल है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर जनता के विश्वास का भी विषय है।