फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Administration tightens its grip on Rohtas elections: Deposit weapons within three days

Bihar: रोहतास में चुनाव से पहले प्रशासन सख्त, तीन दिन में जमा करें हथियार, कानूनविदों ने बताया गलत

Sat, 01 Nov 2025 10:51 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 01 Nov 2025 10:51 PM IST
सार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले रोहतास जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारी नागरिकों को तीन दिनों के भीतर अपने हथियार संबंधित थानों में जमा करने का आदेश जारी किया है।

विज्ञापन
Administration tightens its grip on Rohtas elections: Deposit weapons within three days
चुनाव से पहले रोहतास में प्रशासन का बड़ा आदेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए रोहतास जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने आदेश जारी कर जिले के सभी लाइसेंसधारियों को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन दिनों के भीतर अपने-अपने हथियार संबंधित थाने में जमा करें। इस आदेश के बाद जिले भर में लाइसेंसधारियों में हड़कंप मच गया है और बड़ी संख्या में लोग अपने शस्त्र थानों में जमा कराने पहुंचने लगे हैं।
विज्ञापन


जिला प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि यदि कोई लाइसेंसधारी इस निर्देश की अवहेलना करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे व्यक्तियों का शस्त्र लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव अवधि में हथियारों के अवैध उपयोग या खुले प्रदर्शन से मतदान वातावरण प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए यह कदम जनहित में उठाया गया है ताकि जिले में शांति, सद्भावना और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
विज्ञापन


सुरक्षा कारणों से कुछ शस्त्रधारियों को छूट

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वही शस्त्रधारी इस आदेश से छूट पाएंगे, जिन्हें सुरक्षा कारणों से विशेष अनुमति दी गई हो। यह अनुमति केवल सक्षम अधिकारी के लिखित आदेश से ही दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: '20 साल दिया उन्हें, अब मुझे 20 माह दीजिए बिहार बदल दूंगा', तेजस्वी यादव का पीएम

कानूनविदों की राय
इस आदेश पर सासाराम के वरिष्ठ अधिवक्ता नागेंद्र पांडे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला प्रशासन का यह निर्णय पूरी तरह से उचित नहीं है। उनके अनुसार, प्रशासन को केवल उन्हीं व्यक्तियों से हथियार जमा कराना चाहिए जिनके खिलाफ आपराधिक सूचना, सरकारी रिपोर्ट या चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका हो। उन्होंने कहा कि सभी लोगों से शस्त्र जमा कराने से कई व्यक्तियों के बीच असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है।
लाइसेंस रद्द करने के सवाल पर अधिवक्ता ने बताया कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है, और किसी व्यक्ति का लाइसेंस तभी रद्द किया जा सकता है जब उसके द्वारा शस्त्र का गलत उपयोग किया गया हो या कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न हुई हो।


इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इस बीच, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पिछले वर्ष एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया था। अदालत ने कहा था कि चुनाव के समय किसी शस्त्रधारी को बिना कारण बताए सामान्य आदेश द्वारा शस्त्र जमा कराने का निर्देश कानूनन गलत है। कोर्ट के अनुसार, केवल उसी व्यक्ति को शस्त्र जमा कराने का आदेश दिया जा सकता है, जिसके खिलाफ सक्षम अधिकारी द्वारा लिखित और कारणयुक्त आदेश पारित किया गया हो।
हालांकि अदालत ने यह भी माना कि चुनाव अवधि के दौरान हथियार जमा करने का आदेश विधि-व्यवस्था के हित में उचित है, लेकिन इसे सभी लाइसेंसधारकों पर समान रूप से लागू नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed