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Hindi News ›   Bihar ›   Nishad Aarakshan Sankalp Yatra reached Samastipur, even before this Mukesh Sahni has shown his strength

Bihar Politics: 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' समस्तीपुर पहुंची, इससे पहले भी अपनी ताकत दिखा चुके हैं मुकेश सहनी

Tue, 01 Aug 2023 07:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 01 Aug 2023 07:58 PM IST
सार

Bihar Politics: समस्तीपुर में मुकेश सहनी ने कहा कि पिछले कई चुनावों में निषाद के बेटों ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। अब गंगाजल हाथ में लेने के बाद उन दलों को इसका भी एहसास हो गया है कि निषादों का वोट अब बिकेगा नहीं।

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Nishad Aarakshan Sankalp Yatra reached Samastipur, even before this Mukesh Sahni has shown his strength
समस्तीपुर पहुंची 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख व पूर्व मंत्री मुकेश सहनी इन दिनों अपनी निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा के दौरान वे मंगलवार को समस्तीपुर पहुंचे। यहां उनकी यात्रा ताजपुर के मोडेस्टी स्कूल से शुरू हुई। यात्रा की शुरुआत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद ने पहले भी अपनी ताकत दिखाई है। मंगलवार को सहनी ने मौके पर मौजूद लोगों को हाथ में गंगाजल देकर वीआईपी पार्टी को साथ देने और निषादों को आरक्षण दिलाने के लिए संकल्प करवाया। 

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इसके बाद यह यात्रा चंदौली, मोरवा, बरूना पुल, रायपुर, खेतापुर, जटाडीह चौक, शिवमंदिर पांड होते हुए मछली बाजार, दलसिंहसराय पहुंची। इस दौरान कई स्थानों पर बड़ी संख्या में युवाओं ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर सहनी की अगुवानी की।
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इस दौरान मुकेश सहनी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पिछले कई चुनावों में निषाद के बेटों ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। अब गंगाजल हाथ में लेने के बाद उन दलों को इसका भी एहसास हो गया है कि निषादों का वोट अब बिकेगा नहीं।
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उन्होंने कहा कि अब संघर्ष के साथ निर्णय लेने का भी समय आ गया है। आज समय आ गया है कि दोस्तों के साथ अगर कृष्ण-सुदामा की तरह दोस्ती निभाई जाए तो दुश्मनों की ईंट का जवाब पत्थर से भी  दिया जाए।


उन्होंने कहा कि जो हमारी बात नहीं सुनेगा उसकी बात हम भी नहीं सुनेंगे। सहनी ने निषाद आरक्षण के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करने का वादा करते हुए कहा कि मेरी इच्छा सिर्फ बस इतनी है कि गरीब और निषाद का बेटा भी सिर उठाकर जिंदगी जिए।

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