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बिहार: गंडक में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा! प्रदेश के संवेदनशील जिलों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; बैठक आयोजित
Thu, 27 Aug 2026 08:41 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 08:41 PM IST
सार
नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए बिहार में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में हुई बैठक में संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए।
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राज्य में बिहार: संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की गई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की संभावना है। इसके मद्देनजर राज्य में संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के सभागार में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की।
बैठक में बाढ़ संभावित जिलों के लिए माइक्रो प्लान की जानकारी दी गई। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता पर जोर रहा। सीतामढ़ी और शिवहर सहित अन्य संवेदनशील जिलों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने आपदा के समय जोखिम वाले वर्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा। इनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, नवजात शिशु, बुजुर्ग और गंभीर रोगी शामिल हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए बोट एम्बुलेंस या नौका औषधालय की व्यवस्था की गई है। इन नौकाओं पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध रहेंगे। राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों में 102 एम्बुलेंस सेवा चौबीसों घंटे सतर्क स्थिति में रखने का निर्देश दिया गया। बीएमएसआईसीएल के माध्यम से 60 आवश्यक दवाओं और जीवनरक्षक टीकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है।
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संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा एवं प्रसव पूर्व व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम के जरिये गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग पूरी कर ली है। इसमें प्रत्येक महिला की संभावित प्रसव तिथि चिह्नित की गई है। जिन महिलाओं का प्रसव बाढ़ के महीनों में संभावित है, उन्हें बाढ़ से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों या सुरक्षित प्रसव गृहों में स्थानांतरित किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- बिहार: जयप्रभा सेतु पर पहुंची छात्रा ने सरयू में लगाई छलांग, तलाश में जुटी दो राज्यों की पुलिस
दवाओं का भंडार और आपातकालीन सेवाएं
बाढ़ संभावित जिलों में 60 मुख्य आवश्यक दवाओं और टीकों का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। इसमें सर्पदंश के लिए एंटी-स्नेक वेनम और कुत्ते के काटने के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन शामिल हैं। दस्त, डायरिया और डिहाइड्रेशन के लिए ओआरएस और जिंक की गोलियां भी उपलब्ध हैं। पेयजल शुद्ध करने के लिए हैलाजोन की गोलियां तथा कीटाणुशोधन के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूना भी तैयार रखा गया है।
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बैठक में बाढ़ संभावित जिलों के लिए माइक्रो प्लान की जानकारी दी गई। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता पर जोर रहा। सीतामढ़ी और शिवहर सहित अन्य संवेदनशील जिलों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया।
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स्वास्थ्य मंत्री ने आपदा के समय जोखिम वाले वर्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा। इनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, नवजात शिशु, बुजुर्ग और गंभीर रोगी शामिल हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए बोट एम्बुलेंस या नौका औषधालय की व्यवस्था की गई है। इन नौकाओं पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध रहेंगे। राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों में 102 एम्बुलेंस सेवा चौबीसों घंटे सतर्क स्थिति में रखने का निर्देश दिया गया। बीएमएसआईसीएल के माध्यम से 60 आवश्यक दवाओं और जीवनरक्षक टीकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है।
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संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा एवं प्रसव पूर्व व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम के जरिये गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग पूरी कर ली है। इसमें प्रत्येक महिला की संभावित प्रसव तिथि चिह्नित की गई है। जिन महिलाओं का प्रसव बाढ़ के महीनों में संभावित है, उन्हें बाढ़ से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों या सुरक्षित प्रसव गृहों में स्थानांतरित किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
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दवाओं का भंडार और आपातकालीन सेवाएं
बाढ़ संभावित जिलों में 60 मुख्य आवश्यक दवाओं और टीकों का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। इसमें सर्पदंश के लिए एंटी-स्नेक वेनम और कुत्ते के काटने के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन शामिल हैं। दस्त, डायरिया और डिहाइड्रेशन के लिए ओआरएस और जिंक की गोलियां भी उपलब्ध हैं। पेयजल शुद्ध करने के लिए हैलाजोन की गोलियां तथा कीटाणुशोधन के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूना भी तैयार रखा गया है।