फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Muzaffarpur News ›   Viraat Ramayan Mandir World’s Largest Shivling to Get Grand Nandi Idol by Year-End

Bihar: विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के सामने इसी साल स्थापित होंगे नंदी, सावन में रुद्राभिषेक के लिए बुकिंग शुरू

Fri, 15 May 2026 10:58 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Fri, 15 May 2026 10:58 PM IST
सार

मोक्ष और अध्यात्म की धरती बिहार में बन रहे विश्व के सबसे बड़े 'विराट रामायण मंदिर' में इस साल के अंत तक भव्य नंदी की स्थापना हो जाएगी। मंदिर का ग्राउंड लेवल काम पूरा हो चुका है। इस बार सावन में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है।

विज्ञापन
Viraat Ramayan Mandir World’s Largest Shivling to Get Grand Nandi Idol by Year-End
विराट रामायण मंदिर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार के पूर्वी चंपारण के कैथवलिया (जानकीनगर) में आकार ले रहा दुनिया का सबसे बड़ा 'विराट रामायण मंदिर' आने वाले समय में वैश्विक आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। मंदिर निर्माण को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस साल के अंत तक मंदिर परिसर में स्थापित विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के ठीक सामने भगवान नंदी महाराज की एक बेहद भव्य और विशाल प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी। इसके साथ ही, आगामी सावन के पावन महीने में शिव भक्तों के लिए यहाँ विशेष रुद्राभिषेक की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन


अरुण योगीराज बनाएंगे नंदी की भव्य प्रतिमा, जल्द करेंगे दौरा
विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले नंदी महाराज की प्रतिमा को बेहद अद्वितीय और नक्काशीदार बनाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए श्री महावीर स्थान न्यास समिति ने अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला की विश्वप्रसिद्ध मूर्ति तराशने वाले विख्यात मूर्तिकार अरुण योगीराज से संपर्क किया है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर अरुण योगीराज खुद विराट रामायण मंदिर के निर्माण स्थल का दौरा करेंगे और नंदी की प्रतिमा के प्रारूप व निर्माण कार्य की रूपरेखा तय करेंगे।
विज्ञापन


सावन में रुद्राभिषेक के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू
मंदिर में वर्तमान में ग्राउंड लेवल (भूतल) तक का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष सावन के महीने में महाशिवलिंग के रुद्राभिषेक के लिए न्यास समिति द्वारा पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं। रुद्राभिषेक के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष मोबाइल नंबर जारी किया गया है। भक्तों को इस नंबर पर पहले ही अपनी एडवांस बुकिंग करानी होगी, जिसके बाद उन्हें रुद्राभिषेक के लिए निश्चित समय का स्लॉट आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, शिवलिंग के चारों ओर बनने वाला विशाल 'अरघा' भी इसी साल बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुस्त रफ्तार पर एजेंसी को चेतावनी
शुक्रवार को श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल ने विराट रामायण मंदिर के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे कार्यों का जायजा लेते हुए निर्माण कंपनी को काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी 'सनटेक' की रफ्तार काफी धीमी है। अनुबंध के मुताबिक, कंपनी को 30 महीने के भीतर जी-प्लस-टू (G+2) का ढांचा खड़ा करना था। निर्माण एजेंसी को कुल 46315.73 क्यूबिक मीटर का निर्माण करना है, लेकिन अप्रैल 2026 तक केवल 14135.10 क्यूबिक मीटर काम ही पूरा हो सका है। सचिव सायन कुणाल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए किसी अन्य सक्षम एजेंसी की मदद ली जा सकती है। फिलहाल, मंदिर की बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।

ये भी पढ़ें-  Bihar: छह साल पहले मां ने छोड़ा, तीन साल पहले भाई को सांप ने डसा; अब इकलौते कमाऊ बेटे की बेरहमी से हत्या

जानिए मंदिर की खासियतें
  • विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल जी का बेहद महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट है। श्री महावीर स्थान न्यास समिति की देखरेख में इसका निर्माण करीब 120 एकड़ के विशाल भूभाग पर किया जा रहा है।
  • शिखर और उप-मंदिर: पूरे मंदिर परिसर में 18 गगनचुंबी शिखर होंगे और इसके भीतर 22 भव्य मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है।
  • विशाल हॉल: यहाँ देश का सबसे बड़ा हॉल बनाया जा रहा है, जहाँ एक साथ 20,000 श्रद्धालु बैठ सकेंगे।
  • विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग: मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा और बेहद विशाल शिवलिंग पहले ही स्थापित किया जा चुका है, जिसका वजन और आकार दुनिया में सबसे बड़ा है।
  • सहस्त्रशिवलिंगम मंडप: वर्तमान में ही यहाँ प्रतिदिन 4,000 से 5,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भक्तों की सुचारू पूजा-अर्चना के लिए एक अलग मंडप में छोटे 'सहस्त्रशिवलिंगम' (1008 शिवलिंग) की स्थापना की गई है, जहाँ प्रतिदिन जलाभिषेक हो रहा है।

बता दें कि, राजधानी पटना से इस भव्य मंदिर की दूरी करीब 120 किलोमीटर है। इस वैश्विक धरोहर को सुंदर और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए देश-विदेश के कई नामी विशेषज्ञों और वास्तुकारों की मदद ली जा रही है। न्यास समिति का लक्ष्य है कि साल 2030 तक इस अद्भुत और ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण कार्य को पूरी तरह संपन्न कर लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed