{"_id":"66f95d455f6bd1e72205d662","slug":"vaishali-news-villagers-troubled-by-terror-of-monkeys-will-protest-tomorrow-submitted-memorandum-to-dm-2024-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: ग्रामीण अपनी फसल-घरेलू सामान की देखरेख तक करना भूले, दिल में बसा बंदरों का खौफ, DM से की ये मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: ग्रामीण अपनी फसल-घरेलू सामान की देखरेख तक करना भूले, दिल में बसा बंदरों का खौफ, DM से की ये मांग
Sun, 29 Sep 2024 07:29 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 29 Sep 2024 07:29 PM IST
सार
Vaishali News: ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद केवल आंशिक कार्रवाई की गई। दो महीने पहले विभाग ने दो बंदरों को पकड़ा, लेकिन उसके बाद कोई कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
ग्रामीण बंदरों के आतंक से बेहद परेशान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर नरसंडा पंचायत के बाजितपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से त्रस्त होकर वैशाली डीएम को आवेदन दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण वे अपनी फसल, साग-सब्जी और घरेलू सामान सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। बंदर न केवल भोजन और कपड़े जैसी आवश्यक वस्तुएं बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे गांव के लोग भयभीत हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद केवल आंशिक कार्रवाई की गई। दो महीने पहले विभाग ने दो बंदरों को पकड़ा, लेकिन उसके बाद कोई कदम नहीं उठाया गया। एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधिकारी अब तक वापस नहीं आए। इस लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों ने 30 सितंबर को सड़क पर उतरने और एसएच-49 मार्ग को बाधित करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
इस मौके पर राकेश कुमार, मंत्रमाथ, मौजे साह, घनेश मिश्र, नरेश झा, अमरजीत मिश्र, लक्की कुमार और श्याम शंकर झा सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर डीएम से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें बंदरों के आतंक से राहत मिल सके।
विज्ञापन