Bihar News: विधान परिषद के पूर्व सदस्य विशुनदेव राय का निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक; लालू ने दी श्रद्धांजलि
Vishundev Rai Passed Away: राजद सुप्रीमो लालू यादव ने राजद पार्टी दफ्तर में आकर विशुनदेव राय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके निधन से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। उनका योगदान राजद के लिए अविस्मरणीय रहेगा।
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बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य और वैशाली डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन, साथ ही राजद के सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विशुनदेव राय का निधन हो गया। उनकी अचानक मौत शुक्रवार सुबह उनके घर पर हुई, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। परिवार के सदस्य और करीबी लोग अत्यधिक दुखी हैं। उनके पार्थिव शरीर को परिजनों ने विधान परिषद में लाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें लालू आवास ले जाया गया, जहां लालू प्रसाद यादव ने राजद पार्टी दफ्तर में आकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजनीतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण शख्सियत
विशुनदेव राय का योगदान बिहार की राजनीति में अनमोल था। वे लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगियों में माने जाते थे। वे राघोपुर सीट से हमेशा चुनावी दावेदार रहे थे और लालू प्रसाद यादव को इस क्षेत्र में चुनौती देने वाले प्रमुख नेता थे। इस राजनीतिक समीकरण को देखते हुए लालू यादव ने 2000 में उन्हें विधान पार्षद का चुनाव लड़वाया और वे इस चुनाव में जीतने में सफल रहे। इसके बाद विशुनदेव राय को राजद में एक अहम स्थान प्राप्त हुआ और वे पार्टी के मजबूत स्तंभ बन गए थे।
राजनीतिक सफर और पार्टी में योगदान
विशुनदेव राय ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1988 में की थी। वे पूर्व विधान पार्षद, वैशाली डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन और राजद के सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके निधन से राजद पार्टी को गहरा आघात पहुंचा है और उनके समर्थकों में शोक व्याप्त है।
राजद की ओर से श्रद्धांजलि और पार्टी की प्रतिक्रिया
उनके निधन के बाद, राजद की ओर से गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लालू यादव ने राजद पार्टी दफ्तर में आकर विशुनदेव राय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके निधन से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। उनका योगदान राजद के लिए अविस्मरणीय रहेगा। विशुनदेव राय के निधन ने बिहार की राजनीति में एक रिक्त स्थान उत्पन्न किया है और उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। पार्टी और उनके परिवार के सदस्य इस कठिन समय में एकजुट होकर उनकी यादों को संजोने का प्रयास करेंगे।
तेजस्वी यादव ने भी राय को दी श्रद्धांजलि
बिहार की राजनीति के प्रमुख समाजवादी चेहरों में गिने जाने वाले और लालू परिवार के एक समय घोर विरोधी रहे पूर्व एमएलसी बिशुनदेव राय का शुक्रवार को हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया। उनकी मौत ने राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ा दी। बिशुनदेव राय लंबे समय से बीमार चल रहे थे और शुक्रवार की सुबह उनका निधन हो गया।
बिशनदेव राय के भतीजे और महुआ विधायक मुकेश रोशन के आवास पर उनका पार्थिव शरीर रखा गया, जहां बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तेजस्वी यादव ने राय के निधन को पार्टी और समाज के लिए एक ‘बड़ी क्षति’ करार दिया और भावुक होकर कहा कि इसे भर पाना मुश्किल है।
समाजवादी राजनीति में एक मजबूत स्तंभ
बिशुनदेव राय को बिहार में यादव समुदाय के प्रभावशाली नेता और समाजवादी राजनीति के सशक्त स्तंभ के रूप में जाना जाता था। वे लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में उनके विरोधी रहे, खासकर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में, जहां लालू यादव की परंपरागत सीट रही है।
1988 में राजनीति में कदम रखने वाले बिशुनदेव राय ने अपने प्रभाव और कुशल नेतृत्व से वैशाली और उत्तरी बिहार में मजबूत पहचान बनाई। 1985 में, जब कर्पूरी ठाकुर बिहार के मुख्यमंत्री थे, बिशुनदेव राय को कई देशों में बिहार का प्रतिनिधि बनाकर भेजा गया था। यह उनकी काबिलियत और कद का प्रतीक था।
लालू यादव के विरोधी से उनके करीबी तक का सफर
एक समय ऐसा था जब बिशुनदेव राय लालू यादव के घोर विरोधी माने जाते थे। वे राघोपुर सीट से चुनाव लड़कर लालू प्रसाद यादव को चुनौती दिया करते थे। लेकिन वर्ष 2000 में लालू प्रसाद यादव ने राय को अपने आवास पर बुलाकर उन्हें राजद में शामिल किया और विधान परिषद का सदस्य बनवाया। इसके बाद बिशुनदेव राय राजद के एक प्रमुख नेता बन गए और पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ता गया।
राजनीतिक योगदान और सामाजिक सम्मान
बिशुनदेव राय ने न केवल राजनीति में बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्तरी बिहार के यादव समाज में उनकी गहरी पकड़ थी और वे वैशाली जिले में भी यादव समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते थे। उनका जीवन समाजवाद, संघर्ष और नेतृत्व का प्रतीक था। तेजस्वी यादव ने उन्हें याद करते हुए कहा कि बिशुनदेव राय का निधन राजद के लिए बड़ी क्षति है। वे केवल नेता नहीं थे, बल्कि समाजवादी मूल्यों के प्रतीक थे।
शोक में डूबा परिवार और समर्थक
बिशुनदेव राय के निधन से उनका परिवार और समर्थक गहरे शोक में हैं। उनके भतीजे मुकेश रोशन, जो वर्तमान में महुआ से विधायक हैं, ने कहा कि उनके चाचा ने हमेशा उन्हें राजनीति और समाज के प्रति प्रतिबद्धता की शिक्षा दी।