अजय महाकाल हत्याकांड: प्रिंसिपल ही निकला कांड का मास्टरमाइंड, मृतक की पत्नी को झांसे में लेकर की थी फर्जी FIR
Muzaffarpur Crime: एडिशनल एसपी ईस्ट शहरयार अख्तर ने बताया कि हिसाब-किताब को लेकर दोनों में खटास बढ़ी हुई थी। अजय महाकाल इसको लेकर के शिक्षक सुबोध से नाराज चल रहा था। हत्या वाले दिन भी दोनों की सुबह को कहासुनी हुई थी।
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित अजय महाकाल हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर लिया है। दिन दहाड़े एक मई को हुए हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को 36 दिन लग गए। इस हत्याकांड की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के पार्टनर सुबोध कौशिक ने करवाई थी। पैसों के लेनदेन के हिसाब में हो रही गड़बड़ी से अजय नाराज चल रहा था। हत्या के दिन भी मास्टरमाइंड सुबोध से कहासुनी हुई थी। मामले की पुष्टि एडिशनल एसपी ईस्ट शहरयार अख्तर ने की है।
बाइक सवार अपराधी ने निर्माणाधीन मकान में घुसकर की थी हत्या
दरअसल, मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के नेउरा चौक के पास एक नव निर्माणाधीन मकान के पास में खड़े अजय महाकाल की बाइक सवार दो बदमाश ने दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त वहां मजदूर भी काम कर रहे थे, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इस घटना के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर जांच शुरू की थी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही थी।
गलत नाम देकर करवाई गई थी एफआईआर
पुलिस की जांच में यह पता चला कि घटना को अंजाम देने वाले सुबोध कौशिक ने केस को गुमराह करने की नीयत से मृतक अजय की पत्नी को झांसे में लिया था। उसने अपने कई निजी दुश्मनों का नाम एफआईआर में लिखवाया था, ताकि मामले में पुलिस गुमराह हो जाए। पुलिस की विशेष टीम और तकनीकी जांच में पता चला कि जिसको आरोपी बनाया गया था, उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्य आरोपी ने अपने लाभ के लिए मृतक की पत्नी को गलत नाम डलवाकर केस को गुमराह कराया था।
पैसों के लेन-देन का विवाद बना हत्या का कारण
अजय महाकाल उर्फ अजय कुशवाहा की हत्या की एक बड़ी वजह टेंडर और काम में कमाई का एक बड़ा हिस्सा खुद के पास रखना था। अजय स्कूल भवन के निर्माण के साथ स्कूल के लिए बेंच-डेस्क और अन्य सामग्री के टेंडर करवाता था। इसको लेकर आरोपी सुबोध कौशिक से कई बार कहासुनी तक हो चुकी थी। आरोपी इसको लेकर कई बार अजय को धमकी तक दे चुका था। आरोपी की इलाके में बड़ी रसूख भी है, क्योंकि बड़े भाई की पत्नी के प्रखंड प्रमुख होने के कारण दबदबा था। कांड का मास्टरमाइंड सुबोध इसका फायदा हमेशा उठाता था।
पूरे मामले में एडिशनल एसपी ईस्ट शहरयार अख्तर ने बताया कि अजय भी कई कांड में आरोपी रह चुका है और हाल में जेल से बाहर आया था। अभी स्कूल भवन के निर्माण के साथ बेंच-डेस्क का टेंडर का काम कर रहा था। इसमें एक स्कूल का शिक्षक सुबोध कौशिक सहयोगी था। लेकिन हिसाब-किताब को लेकर दोनों में खटास बढ़ी हुई थी और अजय महाकाल इसको लेकर के सुबोध से नाराज चल रहा था। हत्या वाले दिन भी सुबोध की अजय से सुबह को कहासुनी हुई थी।