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Muzaffarpur News: 13 साल बाद शुरू हुआ मोतियाबिंद का ऑपरेशन, चर्चित आई हॉस्पिटल कांड के बाद उठी थी मांग
Thu, 12 Sep 2024 03:50 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:50 PM IST
सार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित सरकारी अस्पताल में 13 साल बाद मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू हुआ। बता दें कि चर्चित आई हॉस्पिटल कांड के बाद इसकी मांग उठी थी।
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मेडिकल टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते 13 साल के लंबे अरसे के बाद से आखिरकार जिला सदर अस्पताल में गुरुवार से मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है, जिसके बाद से मरीजों ने बड़ी राहत ली है। आपको बता दें, आज से शुरू हुई इस ऑपरेशन की तैयारी बीते एक महीने से जोर शोर से चल रही थी। बुधवार देर शाम तक सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीएस झा ने ओटी का निरीक्षण किया था। वहीं, इस दौरान ऑपरेशन के बाद भर्ती होने वाले मरीज के नये बने वॉर्ड का भी निरीक्षण किया था और उन्होंने वॉर्ड में बेड व नर्स की तैनाती भी की। आज इसको लेकर दो मरीज का ऑपरेशन किया गया है। इसके साथ-साथ ही OPD शुरू कर दी गई है।
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मामले में सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बाबू साहब झा ने कहा कि आज से सदर अस्पताल में बने हुए ओटी में ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए भर्ती मरीज को भी सभी जांच कराने के बाद भर्ती कर लिया गया था और यह कहा कि आंख के ऑपरेशन के लिए अब किसी भी मरीज को निजी अस्पताल का सहारा नहीं लेना होगा। यह बड़ी पहल है कि सदर अस्पताल में अब आई ओटी खोल दिये गये हैं और अब इसमें मोतियाबिंद समेत आंख के अन्य ऑपरेशन होंगे।
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यही नहीं बल्कि ओटी को मानक के अनुसार बनाया गया है। इसके साथ ओटी कॉम्प्लेक्स में स्ट्रिप लैंप समेत अन्य उपकरणों को लगाया गया है। ऑपरेशन थिएटर बन जाने से गरीबों को मोतियाबिंद समेत अन्य ऑपरेशन में राहत मिलेगी। इसके लिए ओटी में दो टेबल लगाये गये हैं, जिसमें एक साथ दो मरीजों का इलाज होगा। इसमें पांच नेत्र चिकित्सक की टीम शामिल है।
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आपको बता दें, जानकारी के अनुसार पिछले 13 साल से सदर अस्पताल में मोतियाबिंद का आपेरशन नहीं हो रहा था। अब एक बार फिर से जिले का सदर अस्पताल में यह व्यवस्था किया गया है। गौरतलब है कि बीते तीन साल पूर्व में अब मोतियाबिंद का ऑपरेशन में हुई लापरवाही और कई तरह के संक्रमण के बाद मुजफ्फरपुर का सबसे बड़ा और चर्चित निजी आई हास्पिटल में ऑपरेशन बंद करा दी गई और तब इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि सदर अस्पताल में ही ओटी बनेगा। अब अंधापन निवारण के तहत मरीज के मोतियाबिंद मरीज की खोज करने और ऑपरेशन सदर अस्पताल में ही होगा नेत्र आपरेशन थियेटर में आंख विशेषज्ञ की टीम ऑपरेशन करेगी। अब यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है और आज दो मरीज का ऑपरेशन किया गया है।