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Bihar News: आईआईटी पटना की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता, ‘खतरे’ की श्रेणी में इस जिले के नौ पुल
Mon, 18 May 2026 08:16 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 08:16 PM IST
सार
आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट में बिहार के नौ पुलों को खतरे की श्रेणी में बताया गया है। मुजफ्फरपुर का दादर पुल और माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। रिपोर्ट में तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की जरूरत बताई गई है।
आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट में बिहार के नौ पुलों को खतरे की श्रेणी में बताया गया है। मुजफ्फरपुर का दादर पुल और माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। रिपोर्ट में तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की जरूरत बताई गई है।
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पुल की गुणवत्ता जांच
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
आईआईटी पटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने बिहार के पुलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के नौ पुल खतरे की श्रेणी में पाए गए हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर जिले के दो प्रमुख पुल भी शामिल हैं। इनमें बूढ़ी गंडक नदी पर बना दादर पुल और माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज शामिल है।
उत्तर बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले पुल पर खतरा
मुजफ्फरपुर को दरभंगा से जोड़ने वाला दादर पुल उत्तर बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। आईआईटी पटना की टीम द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में पुल की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल के कई हिस्सों में सरिया बाहर निकल आया है, गार्डर कमजोर हो चुके हैं और कई स्थानों पर रेलिंग टूटी हुई है। विशेषज्ञों ने पुल की तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की आवश्यकता बताई है।
माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की हालत भी खराब
रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की स्थिति को भी गंभीर बताया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में इस पुल का एक हिस्सा गिर चुका था। अब फिर से पुल की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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ये भी पढ़ें- Bihar: नोट डबल करने वाले हाई-प्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़, 95 लाख कैश जब्त; कोलकाता से लेकर नेपाल तक फैला है जाल
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय निवासी दीनबंधु कुमार ने कहा कि सरकार हर बार जांच तो कराती है, लेकिन सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन इससे सबक नहीं ले रहा। वहीं, दीपक कुमार रजक ने कहा कि पुलों की हालत बेहद खराब है और सरकार को इस दिशा में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार पर बढ़ा दबाव
आईआईटी पटना की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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उत्तर बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले पुल पर खतरा
मुजफ्फरपुर को दरभंगा से जोड़ने वाला दादर पुल उत्तर बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। आईआईटी पटना की टीम द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में पुल की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल के कई हिस्सों में सरिया बाहर निकल आया है, गार्डर कमजोर हो चुके हैं और कई स्थानों पर रेलिंग टूटी हुई है। विशेषज्ञों ने पुल की तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की आवश्यकता बताई है।
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माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की हालत भी खराब
रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की स्थिति को भी गंभीर बताया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में इस पुल का एक हिस्सा गिर चुका था। अब फिर से पुल की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय निवासी दीनबंधु कुमार ने कहा कि सरकार हर बार जांच तो कराती है, लेकिन सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन इससे सबक नहीं ले रहा। वहीं, दीपक कुमार रजक ने कहा कि पुलों की हालत बेहद खराब है और सरकार को इस दिशा में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार पर बढ़ा दबाव
आईआईटी पटना की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।