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Bihar: विभागीय मिलीभगत से आवास योजना में अनियमितता आई सामने; पति-पत्नी को दिया एक साथ लाभ, पर नहीं बना आवास

Fri, 02 Aug 2024 06:40 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 02 Aug 2024 06:40 PM IST
सार

Motihari News: मोतिहारी में विभागीय मिलीभगत से आवास योजना में कई अनियमितताएं सामने आईं हैं। इसके तहत पति-पत्नी को एक साथ आवास का लाभ दिया गया। लेकिन आवास एक भी नहीं बना। वहीं, फर्जी कागजों पर भी आवास दिए जाने का मामला सामने आया है।

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Motihari: Irregularities in housing scheme due to departmental connivance; husband wife got benefits together
कोटवा प्रखंड कार्यालय, पूर्वी चंपारण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोतिहारी के कोटवा प्रखंड में आवास योजना में गड़बड़ी दूर नहीं हो पा रही है। यहां सैकड़ों परिवार एक अदद आवास के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं और कई परिवार को दो-दो आवास का लाभ दे दिया गया है। इस तरह का मामला प्रखंड के बड़हरवा कला पश्चिमी पंचायत में सामने आया है। पहले पति को लाभुक बनाकर आवास दे दिया गया और कुछ वर्ष बीतने के बाद पति के उपनाम में हेराफेरी कर पत्नी को भी आवास योजना का लाभ दे दिया गया।

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जानकारी के मुताबिक, बड़हरवा कला पश्चिमी पंचायत के बिरेंद्र राय को वर्ष 2011 में आवास आवंटित किया गया था। उस वक्त आवास के लिए 45 हजार रुपये भुगतान करने का प्रावधान था। इस व्यक्ति को वर्ष 2015 में फाइनल भुगतान कर दिया गया। वहीं, 2022 में उसकी पत्नी रंभा देवी को भी आवास आवंटित कर दिया गया। उसमें पति का नाम बिरेंद्र राय की जगह बीरेंद्र यादव करके आवास का आवंटन कर दिया गया। अंतिम भुगतान भी 2022 में ही कर दिया गया। इतनी जल्दी अंतिम भुगतान करने कारण बताया जाता है कि पूर्व के ही घर को दिखा कर पूर्ण भुगतान कर दिया गया। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रखंड कर्मी जिम्मेवार बताए जा रहे हैं, जो अपने फायदे के लिए एक ही परिवार में दो-दो आवास का आवंटन करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गहन जांच हो तो इस प्रकार के दर्जनों मामले उक्त पंचायत सहित कई अन्य पंचायतों में निकलकर सामने आ सकते हैं।
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वहीं, दूसरी तरफ कई पंचायतों के सैकड़ों लाभुक आवास की किश्त उठाकर घर का निर्माण नहीं करा सके हैं। कई लाभुक तो सेटिंग के तहत दो-दो किश्त का भुगतान उठा चुके हैं, लेकिन निर्माण शुरू भी नहीं हो पाया है। वैसे लाभुकों और भुगतान कराने वाले कर्मियों पर प्रखंड कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, जो एक अलग जांच का विषय है। विभाग या जिला जब इस मामले पर कड़ाई करता है तो प्रखंड द्वारा लाभुकों पर केवल नोटिस भर जारी कर अपनी जिम्मेवारी पूर्ण मान ली जाती है।
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इसी प्रकार का मामला बड़हरवा कला पश्चिमी पंचायत में सामने आया है। जहां वर्ष 2022 में कशीना खातून को आवास का आवंटन किया गया और 2023 में भुगतान भी कर दिया गया। लेकिन आज तक आवास बना ही नहीं। बताया जा रहा है कि आवास निर्माण के लिए लाभुक की जिस जमीन का फर्जी प्रतिवेदन दिया गया था, उसके तहत लाभुक पंचायत भवन की जमीन पर झोपड़ी बना कर रहती है। इसको लेकर पूर्व में ग्रामीणों द्वारा अंचल को आवेदन दिया गया था। आवेदन के आधार पर जांच करा कर तत्कालीन सीओ द्वारा पंचायत भवन की जमीन को खाली कराया गया था। लेकिन वर्तमान समय में पूर्व की स्थिति बहाल हो गई है। इस संबंध में बीडीओ सरीना आजाद ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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