Bihar: सुरक्षा का भरोसा देने वाले थाना कैंपस में हाइप्रोफाइल ठगी, करीब 42 युवक हुए शिकार; अब कब होगा एक्शन?
मोतिहारी में ठगों ने इस बार ऐसी चाल चली कि पूरे जिले के लोग हतप्रभ रह गए। ठगों की योजना इतनी चालाकी से बनाई गई थी कि पुलिस को मामले की समझ आने तक उन्होंने लाखों रुपये की ठगी कर ली। पुलिस महकमे के अनुसार, अब तक कम से कम 42 युवक इस ठगी के शिकार हो चुके हैं।
घटना का विवरण
पूर्वी चंपारण जिले में ठगों ने पहले कथित रूप से डीजीपी के नाम से पत्र लिखा और इसे बेरोजगार युवकों को दिखाकर उनका भरोसा जीतने की कोशिश की। इसके बाद ठगों ने जिले के अलग-अलग थानों के नाम पर "पुलिस मित्र" बहाली का झांसा दिया और युवकों को थाना परिसर में आई कार्ड पहनाकर बहाल करने का दिखावा किया। युवकों को प्रति माह 16 हजार रुपये देने का वादा किया गया, लेकिन वास्तविकता में यह सब धोखा था।
विशेष रूप से, अरेराज थाना के महिला थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने रिटायर्ड चौकीदारों के बेटों को पुलिस मित्र में बहाल कराने में मदद की। इसके चलते तीन रिटायर्ड चौकीदारों के बेटों ने बहाली के नाम पर 20-20 हजार रुपये ठगों को दिए। प्रत्येक युवकों से कुल 60 हजार रुपये वसूले गए।
पीड़ितों के अनुसार, अरेराज के अलावा घोड़ासहन, पलनवा और गोविंदगंज के युवक भी ठगी का शिकार हुए। ठगों ने तनख्वाह भेजने के बहाने महीनों तक धोखा दिया। कभी बैंक पासबुक मांगते, तो कभी मुजफ्फरपुर के एक होटल में बुलाकर भरोसा जताते। यदि युवकों को आई कार्ड नहीं पहनाया जाता, तो शायद वे ठगी का शिकार नहीं होते।
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पुलिस कार्रवाई
मामले का संज्ञान लेने के बाद मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि जिन भी युवकों के साथ ठगी हुई है, वे संबंधित थाना या उनके कार्यालय में आवेदन दें। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह के मामले में कोटवा थाना में एक युवक के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है और एएसपी हेमंत (IPS) के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी थाना की संलिप्तता पाई गई, तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।