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Lok Sabha Election 2024: चाचा पारस ने भतीजे को ऐसा क्या कहा कि चिराग बोले ‘नो थैंक्स’, जानें मामला
Mon, 08 Apr 2024 01:18 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:18 PM IST
सार
Hajipur Lok Saba Seat: चाचा पशुपति पारस को सियासी पटखनी देने के बाद चिराग पासवान अब उन्हें को माफ करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। चाचा के चुनाव प्रचार करने के ऑफर पर चिराग पासवान ने दो टूक कह दिया है ‘नो थैंक्स’। पढ़ें पूरी खबर...।
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चिराग पासवान ने ठुकराया चाचा का ऑफर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस की सियासी दुश्मनी लंबे समय से चल रही है। टिकट बंटवारे में चिराग के खाते में सभी पांच सीट जाने और खाली हाथ होने के बाद पशुपति अब बैकफुट पर हैं। थोड़ी नाराजगी के बाद आखिर में चाचा पारस ने हथियार डाल दिए हैं और न केवल NDA में बने रहने का एलान किया है, बल्कि अपनी सीट हथियाने वाले भतीजे चिराग के हाजीपुर की संसदीय सीट से भतीजे के लिए चुनाव प्रचार करने का वायदा तक कर दिया है।
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वहीं, चाचा को सियासी पटखनी देने के बाद चिराग पासवान अब उन्हें को माफ करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। चाचा के चुनाव प्रचार करने के ऑफर पर चिराग पासवान ने दो टूक कह दिया है ‘नो थैंक्स’। अपने व्यस्त चुनावी अभियान के बीच चिराग पासवान कल देर रात हाजीपुर पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं से मिलने के दौरान जब चाचा पारस के प्यार बरसाने और चुनाव प्रचार करने के ऑफर पर सवाल हुआ तो चिराग पासवान बिफर गए। चिराग पासवान ने पारस के पाले में सवाल दाग दिया कि जो चाचा आज आशीर्वाद रहे हैं, आखिर क्यों उन्होंने पहले उनके सर से उस आशीर्वाद को छीन लिया था। चिराग पासवान ने खुद के लिए चुनाव प्रचार करने के चाचा पारस के ऑफर को ठुकराते हुए साफ कह दिया कि वे अब बहुत आगे निकल चुके हैं। अब उनकी चिराग की लड़ाई अलग रूप ले चुकी है।
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गौरतलब है कि पार्टी और सियासी विरासत की लड़ाई में चिराग पासवान और पशुपति पारस लंबे समय से एक दूसरे के आमने-सामने खड़े थे। दोनों में से कोई एक दूसरे के सामने झुकने को तैयार नहीं था। हाजीपुर की जिस सीट से चिराग पासवान ने अपनी उम्मीदवारी का एलान किया है, उस हाजीपुर को चाचा-भतीजे ने नाक का सवाल बना रखा था। लेकिन बदले राजनीतिक हालात ने खेल को चिराग पासवान के पाले में खड़ा कर दिया और चाचा पारस अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं।
हालात इतने बदले कि चिराग के लिए कभी किसी भी कीमत पर हाजीपुर की सीट नहीं छोड़ने का दावा करने वाले पशुपति पारस अब हाजीपुर में चुनाव प्रचार करने का ऑफर दे रहे हैं। वहीं, चाचा पारस के नरम रुख के बावजूद चिराग पासवान अब भी बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि चिराग पासवान ने चाचा पारस के चुनाव प्रचार करने के ऑफर को सीधे-सीधे ‘नो थैंक्स’ कह दिया है।
लोजपा रामविलास के प्रमुख चिराग पासवान का कहना है कि चाचा अभी आशीर्वाद देने को तैयार हैं, हम क्या आशीर्वाद लेंगे। ये आशीर्वाद पहले मेरे सर से क्यों हटा लिया था, मुझे नहीं पता। पता नहीं क्यों मेरे बुरे वक्त में चाचा ने मेरे साथ बहुत बुरा सलूक किया। अब इन चीजों से मैं बहुत आगे निकल गया हूं, मेरी लड़ाई अब अलग है।