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Bihar News: मतदाता सूची में जिंदा शख्स को कर दिया मृत घोषित, वैशाली जिलाधिकारी के पास पहुंचा मामला; उठे सवाल
Thu, 28 Aug 2025 12:03 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:03 PM IST
सार
Bihar News Today: निर्वाचन आयोग विपक्ष के पहले निशाने पर है। मतदाता सूची में धांधली का आरोप लगाते हुए विपक्षी दल वोट अधिकार यात्रा के माध्यम से सवाल दाग रहे हैं। वहीं, अब मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिंदा शख्स को मृत घोषित कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है बीएलओ ने बिना जांच के नाम काट दिया है।
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Bihar News: सुनील हाथों में दस्तावेज लिए हुए अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में लगातार मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोधी दल के नेताओं के द्वारा 'वोट अधिकार यात्रा' की जा रही है। केंद्र सरकार चुनाव आयोग को विरोधी दल के नेता लगातार निशाना भी बना रहे हैं। वहीं, हाजीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर जीवित मतदाता का नाम सूची से काट दिया गया है। यह मामला हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र 123 बूथ नंबर 317 के मतदाता सुनील कुमार सिंह से जुड़ा है। सुनील का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। बताया गया है कि सुनील एक सफल बिजनेसमैन हैं और यह टैक्स भी भरते हैं। इनका एपिक नंबर एमएनक्यू 5523220 है।
डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं करने का आरोप
वहीं, सुनील कुमार ने बताया कि हमारे पिता छत्रपति सिंह का नाम 2003 के मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन मेरा नाम काट दिया गया है। सुनील ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन सर्च करने पर पाया कि उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ ने नियमों का उल्लंघन करते हुए डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं किया। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता पुनरीक्षण करना था।
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डीएम ने लिया संज्ञान
सुनील के अनुसार, बीएलओ ने न तो उनके घर और न ही अन्य मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन किया। सुनील ने वैशाली जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से सरकार को टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। बीएलओ ने न तो ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कैंप लगाया और न ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया की। डीएम ने मामले पर संज्ञान लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं करने का आरोप
वहीं, सुनील कुमार ने बताया कि हमारे पिता छत्रपति सिंह का नाम 2003 के मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन मेरा नाम काट दिया गया है। सुनील ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन सर्च करने पर पाया कि उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ ने नियमों का उल्लंघन करते हुए डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं किया। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता पुनरीक्षण करना था।
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डीएम ने लिया संज्ञान
सुनील के अनुसार, बीएलओ ने न तो उनके घर और न ही अन्य मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन किया। सुनील ने वैशाली जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से सरकार को टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। बीएलओ ने न तो ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कैंप लगाया और न ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया की। डीएम ने मामले पर संज्ञान लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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