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Bihar: सहरसा में कोसी का रौद्र रूप, मुजफ्फरपुर में कई घर बने टापू, हजारों लोग हुए प्रभावित
Thu, 09 Oct 2025 11:22 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सहरसा/मुजफ्फरपुर/वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,सहरसा/मुजफ्फरपुर/वैशाली
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 09 Oct 2025 11:22 AM IST
सार
नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण कोसी और बागमती नदियों में उफान आया। सहरसा, सुपौल और मुजफ्फरपुर जिलों में बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया।
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लकड़ी बीनकर कमाई और आवश्यक संसाधन जुटा रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दशकों से बाढ़ और विस्थापन की पीड़ा झेल रहे कोसी क्षेत्र के लोग इस आपदा में भी अवसर तलाशने में माहिर हैं। नेपाल के पर्वतीय इलाके में हुई भारी बारिश के कारण कोसी नदी में उफान आ गया। सोमवार को नेपाल स्थित कोसी बराज से लगभग साढ़े पांच लाख क्यूसेक डिस्चार्ज होने से नदी का जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। इसके कारण बिहार के सुपौल और सहरसा जिले में तटबंध के भीतर पानी फैल गया।
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सहरसा में कोसी का रौद्र रूप
- फोटो : अमर उजाला
बांस की लग्गी लेकर लकड़ियां बाहर निकालने में जुटे लोग
वीरपुर से कोपरिया तक बांध के अंदर बसे लोग अपने घर बार छोड़कर सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन नदी की उफनती धारा के बीच कई लोग हाथों में बांस की लग्गी लेकर लकड़ियां बाहर निकालने में जुटे रहे। महिषी प्रखंड के महपुरा गांव के पास स्थानीय लोग बांस की मदद से बहती लकड़ियों को तट पर जमा कर रहे थे। इसमें महिलाएं और बच्चियां भी शामिल थीं।
जानकारों के अनुसार नेपाल के बराह क्षेत्र से निकलने वाली लकड़ियां बराज का फाटक खुलने पर भारी मात्रा में बहती हैं। स्थानीय लोग इन लकड़ियों में से कीमती चंदन, सखुआ, रूद्राक्ष जैसी लकड़ियां अलग कर बेचकर अच्छी आमदनी करते हैं और घर में खाना बनाने के लिए जलावन की भी व्यवस्था कर लेते हैं।
वीरपुर से कोपरिया तक बांध के अंदर बसे लोग अपने घर बार छोड़कर सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन नदी की उफनती धारा के बीच कई लोग हाथों में बांस की लग्गी लेकर लकड़ियां बाहर निकालने में जुटे रहे। महिषी प्रखंड के महपुरा गांव के पास स्थानीय लोग बांस की मदद से बहती लकड़ियों को तट पर जमा कर रहे थे। इसमें महिलाएं और बच्चियां भी शामिल थीं।
जानकारों के अनुसार नेपाल के बराह क्षेत्र से निकलने वाली लकड़ियां बराज का फाटक खुलने पर भारी मात्रा में बहती हैं। स्थानीय लोग इन लकड़ियों में से कीमती चंदन, सखुआ, रूद्राक्ष जैसी लकड़ियां अलग कर बेचकर अच्छी आमदनी करते हैं और घर में खाना बनाने के लिए जलावन की भी व्यवस्था कर लेते हैं।
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मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का उफान
मुजफ्फरपुर में बागमती नदी लगातार उफान पर है। जिले के तीन प्रखंड औराई, कटरा और गायघाट में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। कटरा प्रखंड के बसघट्टा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक घर की छत पर एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ फंसी हुई हैं। क्षेत्र में दर्जनों सड़कें कट चुकी हैं, घरों में 3-4 फीट पानी भर गया है और कई घर पूरी तरह टापू बन चुके हैं।
स्थानीय लोग राहत की कमी पर नाराज हैं। कुछ गांवों में SDRF मौजूद है, लेकिन अधिकांश प्रभावित इलाकों में अब तक कोई सहायता नहीं पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में सक्रिय हैं और जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर में बागमती नदी लगातार उफान पर है। जिले के तीन प्रखंड औराई, कटरा और गायघाट में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। कटरा प्रखंड के बसघट्टा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक घर की छत पर एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ फंसी हुई हैं। क्षेत्र में दर्जनों सड़कें कट चुकी हैं, घरों में 3-4 फीट पानी भर गया है और कई घर पूरी तरह टापू बन चुके हैं।
स्थानीय लोग राहत की कमी पर नाराज हैं। कुछ गांवों में SDRF मौजूद है, लेकिन अधिकांश प्रभावित इलाकों में अब तक कोई सहायता नहीं पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में सक्रिय हैं और जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
हाजीपुर में हुई एक व्यक्ति की मौत
वैशाली जिला के हाजीपुर शहर के मालीपुर में मंगलवार शाम बाढ़ के पानी में डूबे 45 वर्षीय राजेंद्र महतो के पुत्र शिवचंद्र महतो की मौत हो गई। वे शाम को शौच करने गए थे और पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में चले गए। शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और बाद में स्वजनों को सौंप दिया।
वैशाली जिला के हाजीपुर शहर के मालीपुर में मंगलवार शाम बाढ़ के पानी में डूबे 45 वर्षीय राजेंद्र महतो के पुत्र शिवचंद्र महतो की मौत हो गई। वे शाम को शौच करने गए थे और पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में चले गए। शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और बाद में स्वजनों को सौंप दिया।