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Chinese Citizen Death: चीनी नागरिक मौत मामला पहुंचा NHRC और BHRC, इंटरनेशनल कानून के उल्लंघन की याचिका दाखिल
Wed, 12 Jun 2024 06:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 12 Jun 2024 06:58 PM IST
सार
Chinese Citizen Death Case: मानवाधिकार अधिवक्ता डॉ. एसके झा ने बताया कि चीनी नागरिक की मौत मामले में लापरवाही बरती गई है। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद तुरंत इस मामले में एजेंसी को अवगत कराया जाना चाहिए था। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन द्वारा दुनिया भर के विदेशी नागरिकों के लिए जो कानून बनाया गया है, उसका उल्लंघन किया गया है।
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याचिका में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग की गई है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पकड़े गए चीनी नागरिक ली जियाकी की मौत का मामला NHRC और BHRC में पहुंच गया है। इस मामले में याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की विशेष निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।
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जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर में चीनी नागरिक ली जियाकी की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। इस मामले में अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने याचिका दायर की है, जिसमें इस घटना को विदेशी नागरिक की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियम का उल्लंघन बताया गया है। साथ ही मामले में लापरवाही बरती जाने का आरोप भी लगाया है। याचिका में यह भी आरोप है कि चीनी नागरिक को काउंसलर उपलब्ध नहीं कराया गया था। याचिका में मामले की हाई कोर्ट के रिटायर्ड अधिवक्ता से जांच करवाए जाने की मांग की गई है।
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पूरे मामले में मानवाधिकार अधिवक्ता डॉ. एसके झा ने बताया कि चीनी नागरिक की मौत मामले में लापरवाही बरती गई है। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद तुरंत इस मामले में एजेंसी को अवगत कराया जाना चाहिए था। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन द्वारा दुनिया भर के विदेशी नागरिकों के लिए जो कानून बनाया गया है, उसका उल्लंघन किया गया है। इस मामले में चीनी नागरिक को अविलंब एक काउंसलर मिलना चाहिए था जो उसकी भाषा को समझता। ताकि उसकी मनोस्थिति को समझा जा सकता, क्योंकि जो घटना हुई है उसमें ऐसा मामला सामने आया कि जैसे चीनी नागरिक मानसिक तनाव में था।
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उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पुलिस की लापरवाही बरतने के भी कई बिंदु सामने आए हैं। उसके बाद इस मामले में NHRC और BHRC में पिटीशन दायर की गई है, ताकि इस मामले को गंभीरता से लिया जा सके। साथ ही मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में हो, यह मांग भी की गई है।
जानकारी के मुताबिक, कल मंगलवार को चीनी नागरिक ली जियाकी की एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने बीते दिनों ली जियाकी को बिना वीजा के अवैध रूप में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में गिरफ्तार करके उसे जेल भेज दिया था। फिर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। लेकिन अगले दिन चीनी नागरिक ने खुद को गंभीर रूप से जख्मी कर लिया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए SKMCH में भर्ती कराया गया था। जहां कल मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद मामले में पुलिस और मेडिकल प्रशासन ने शव का मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम करवाया और कोलकाता के चीनी दूतावास को पूरे मामले से अवगत कराया।