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Bihar: पहली बारिश में बहा चचरी पुल, हजारों लोगों का टूटा संपर्क; जान जोखिम में डाल स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
Tue, 21 Jul 2026 07:32 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:32 PM IST
सार
Bihar News: पश्चिम चंपारण के सिकटा और मझौलिया प्रखंड को जोड़ने वाला ग्रामीणों के सहयोग से बना बांस का चचरी पुल मानसून की पहली तेज बारिश में बह गया। पुल टूटने से हजारों लोगों का संपर्क टूट गया है। स्कूली बच्चे साइकिल नाव पर लादकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
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नाव से सफर करते ग्रामीण एवं स्कूली छात्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मानसून की पहली तेज बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। सिकटा और मझौलिया प्रखंड को जोड़ने वाले सरीसवा-कदमवा घाट पर ग्रामीणों के सहयोग से बनाया गया बांस का चचरी पुल उफनती नदी के तेज बहाव में बह गया। पुल के टूटते ही दर्जनों गांवों के हजारों लोगों का संपर्क फिर से कट गया है। अब ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं।
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नाव पर साइकिल लादकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। छात्र-छात्राएं अपनी साइकिल नाव पर लादकर नदी पार कर विद्यालय पहुंच रहे हैं। हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें यह जोखिम उठाना पड़ रहा है। वहीं किसानों, मरीजों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों की आवाजाही भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
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चंदा जुटाकर बनाया था बांस का पुल
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से इस स्थान पर पक्के पुल की मांग की जा रही है। मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर बांस का चचरी पुल बनाया था, जिससे दोनों प्रखंडों के हजारों लोगों की आवाजाही सुगम हो गई थी।
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विधायक ने किया था पक्के पुल का वादा
ग्रामीणों के अनुसार पिछले 7 जनवरी को सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने चचरी पुल का उद्घाटन करते हुए अगले विधानसभा चुनाव से पहले यहां पक्का पुल बनवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन उद्घाटन के महज सात महीने बाद ही मानसून की पहली तेज बारिश में पुल बह गया और लोगों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया।
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हर बरसात में दोहराती है यही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उनका आरोप है कि स्थायी समाधान के अभाव में उन्हें हर साल जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। लोगों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से अविलंब पक्का पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है, ताकि हजारों ग्रामीणों को हर बरसात में इस परेशानी और खतरे का सामना न करना पड़े।