Bihar: स्पोर्टिंग क्लब के सचिव की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार के लगाए आरोप
Bihar: मृतक की बेटी प्रिया कुमारी ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने की गुजारिश की गई, लेकिन डॉक्टर अंशुमन अग्रवाल द्वारा परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने अपने चेंबर में परिजनों को बेइज्जत किया
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मुजफ्फरपुर जिला फुटबॉल संघ से जुड़े सक्रिय खिलाड़ी और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्टिंग क्लब के सचिव चंद्रशेखर कुमार उर्फ़ 'चंदू' की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन और शुभचिंतक अस्पताल पहुंचे, जहां परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही अस्पताल प्रशासन पर अभद्रता का भी आरोप लगाया गया।
परिजनों के अनुसार, चंद्रशेखर कुमार को गंभीर हृदयाघात हुआ था। उन्हें सबसे पहले डॉ. ए.के. दास के पास ले जाया गया, जहां से ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। अस्पताल में करीब एक लाख रुपये जमा कर इलाज शुरू किया गया और मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया।
मृतक की बेटी प्रिया कुमारी ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने की गुजारिश की गई, लेकिन डॉक्टर अंशुमन अग्रवाल द्वारा परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने अपने चेंबर में परिजनों को बेइज्जत किया और दबाव में आकर माफी मांगने के बाद ही इलाज जारी रखने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान कार्ड पर इलाज की सहमति तो दी गई, लेकिन दवाएं साधारण पर्ची पर लिखी गईं और बिलिंग किसी अन्य नाम से की गई।
परिजनों का यह भी कहना है कि मरीज को जो जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था, उसे बिना पूर्व सूचना के हटा दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से मैनेजर सन्नी कुमार ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि मरीज को रविवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था और अगले दिन आयुष्मान कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद कार्ड के तहत मरीज को पंजीकृत कर इलाज शुरू कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी और उन्हें टेंपरेरी पेसमेकर लगाया गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सन्नी कुमार के मुताबिक, परिजनों को गलतफहमी हो गई थी कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज ठीक से नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत भी पूरी गंभीरता से इलाज किया जाता है और इस मामले में भी चिकित्सकीय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया। फिलहाल अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी में जांच की मांग की जा रही है।