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Bihar: न्यायिक सेवा परीक्षा में आनंद सौरभ की 126वीं रैंक, पहले नेवी में दी सेवा, अब न्याय दिलाने का करेंगे काम

Fri, 29 Nov 2024 12:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 29 Nov 2024 12:40 PM IST
सार

न्यायिक सेवा परीक्षा में आनंद सौरभ को 126वीं रैंक मिली है। बता दें कि वे पहले नेवी में सेवा दिए, अब न्याय दिलाने का काम करेंगे।

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Bihar Muzaffarpur Anand Saurabh got 126th rank judicial service examination now will work to provide justice
आनंद सौरभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के पताही गांव के रहने वाले आनंद सौरभ अब न्यायिक सेवा परीक्षा में पास हो गए और जज बन गए हैं। उनके जज बनने की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। पताही के आनंद को इस बार की परीक्षा में 126वीं रैंक मिली है। सौरभ वर्तमान में सीतामढ़ी जिले में जिला आपदा विभाग में पदस्थापित हैं। इसके पूर्व में भी उन्होंने 17 साल देश की सेवा के लिए सेना के विंग नेवी में अपना योगदान दिया था। आनंद सौरभ की सफलता पर परिवार समेत गांव में जश्न का माहौल है और अब जज बनकर युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गए हैं।

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आपको बता दें कि आनंद सौरभ ने अपने जीवन के 17 साल सेना के विंग नेवी में सेवा देने के बाद बीपीएससी की परीक्षा पास कर अपनी मेहनत और लगन के दम पर पदाधिकारी बने थे। वह वर्तमान में सीतामढ़ी जिले में आपदा प्रबंधन विभाग में कार्यरत हैं। अब बीपीएससी की न्यायिक सेवा में पास करके जज बन गए हैं। उनके जज बनने की खुशी से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आनंद सौरव के पिता भवदेव नारायण ठाकुर भी सेवानिवृत्त शिक्षक के रूप में अपना बड़ा योगदान दे चुके हैं। अब बेटे की इस सफलता से गौरवान्वित हैं।
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जज बने आनंद सौरभ कहते हैं कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनके पिता को जाता है। क्योंकि उन्होंने हमेशा ही आगे बढ़ने के लिए रास्ता दिखाया और मेहनत और लगन के दम ही पर आगे बढ़ने का सपना दिखाया था। यही नहीं बल्कि स्वर्गीय मां सुनीता कुमारी का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा। सौरभ ने यह भी कहा कि मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती है। उसका जीता जगता उदाहरण मैं खुद ही हूं। उन्होंने युवा पीढ़ी को मेहनत कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि हार जीत जीवन में सदा ही लगा रहता है। लेकिन कभी भी इससे निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि हार से प्रेरणा लेना चाहिए।

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