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Bihar Board Exam: परीक्षा केंद्र में दो मिनट देरी से पहुंचीं छात्राओं को धक्के मारकर निकाला, घटना पर उठे सवाल
Sat, 01 Feb 2025 03:39 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 01 Feb 2025 03:39 PM IST
सार
Muzaffarpur News: छात्राओं को धक्का देने के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े अभिभावकों में भी आक्रोश देखने को मिला। कई अभिभावकों का कहना था कि बच्चियां समय से निकलने के बावजूद ट्रैफिक में फंस गईं, ऐसे में प्रशासन को थोड़ी सहानुभूति दिखानी चाहिए थी।
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मायूस खड़े परीक्षार्थी और अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के पहले ही दिन बिहार में कठोर परीक्षा नियमों और अनुशासन लागू करने के नाम पर परीक्षार्थियों के साथ अमानवीय व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरपुर जिले के नितिश्वर सिंह कॉलेज परीक्षा केंद्र पर देखने को मिला, जहां मात्र दो मिनट की देरी से पहुंची छात्राओं को जबरन धक्के देकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
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पुलिसकर्मी और केंद्र अधीक्षक पर लगे आरोप
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कुछ छात्राएं परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि छात्राएं हाथ जोड़कर और रो-रो कर परीक्षा में बैठने की गुहार लगा रही हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी।
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बाहर आते ही छात्राएं फफक-फफक कर रोने लगीं और बताया कि वे सिर्फ दो मिनट की देरी से पहुंची थीं, जिसका कारण शहर में लगे ट्रैफिक जाम को बताया गया।
अभिभावकों ने बोर्ड के नियमों पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े अभिभावकों में भी आक्रोश देखने को मिला। कई अभिभावकों का कहना था कि बच्चियां समय से निकलने के बावजूद ट्रैफिक में फंस गईं, ऐसे में प्रशासन को थोड़ी सहानुभूति दिखानी चाहिए थी।
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वहीं, परीक्षा समिति द्वारा लागू कड़े नियमों की सराहना और आलोचना दोनों हो रही है। एक ओर बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि परीक्षा में कोई अनियमितता न हो, वहीं दूसरी ओर मामूली देर होने पर छात्रों को परीक्षा से वंचित कर देना कठोर निर्णय माना जा रहा है।
‘बोर्ड के नियमों के कारण कड़ा कदम’
इस घटना पर प्रशासन की ओर से सफाई देते हुए परीक्षा केंद्र के एक अधिकारी ने कहा कि बोर्ड के स्पष्ट निर्देश थे कि 9:00 बजे के बाद किसी भी हाल में किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हम सिर्फ नियमों का पालन कर रहे थे। हालांकि, इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
छात्र-छात्राओं के भविष्य पर असर?
शिक्षाविदों का मानना है कि परीक्षा के दिन ट्रैफिक जाम, अप्रत्याशित घटनाएं या अन्य परेशानियों के कारण छात्रों को थोड़ी देर हो सकती है। ऐसे में अगर नियमों में थोड़ी नरमी बरती जाए और 5-10 मिनट की मोहलत दी जाए, तो यह परीक्षार्थियों के भविष्य के लिए बेहतर होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) इस घटना पर कोई नरमी बरतने का फैसला लेती है या नहीं।