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Bihar: डीएम के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर भेजा जा रहा फ्रेंड रिक्वेस्ट, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी
Mon, 23 Jun 2025 02:39 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Jun 2025 02:39 PM IST
सार
Bihar: डीएम ने बताया की ऐसे कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह एक आपराधिक प्रवृत्ति का मामला है और आईटी एक्ट के तहत यह दंडनीय अपराध है।
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डीएम धर्मेंद्र कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम चंपारण जिले के जिला पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर आम लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने और संभावित ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। इस तरह की शिकायतें जैसे ही जिला प्रशासन के पास पहुंचीं, प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए साइबर थाना को मामले की जानकारी दी और जांच के आदेश दे दिए। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक फर्जी फेसबुक अकाउंट सक्रिय है, जिसमें डीएम धर्मेन्द्र कुमार का नाम और उनकी असली तस्वीर लगाई गई है।
इस अकाउंट से कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे गए हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इसका इस्तेमाल कर लोगों से पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगने की साजिश की जा रही थी। डीएम ने बताया की ऐसे कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह एक आपराधिक प्रवृत्ति का मामला है और आईटी एक्ट के तहत यह दंडनीय अपराध है। जिला प्रशासन ने साइबर थाना को इस फर्जी आईडी की पूरी जांच करने और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने अपील किया है की वे इस तरह की फर्जी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि ऐसी कोई गतिविधि दिखे, तो तुरंत साइबर थाना या प्रशासन को सूचित करें। यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अफसरों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को गुमराह करने और ठगी करने के कई मामले देशभर में सामने आते रहते हैं।
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इन फर्जी प्रोफाइलों के जरिए लोग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर कभी जरूरतमंद बताकर पैसे मांगते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करवाने का प्रयास करते हैं, जिससे मोबाइल या सिस्टम हैक भी हो सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिला पदाधिकारी या किसी अन्य अधिकारी की ओर से कोई औपचारिक संवाद नहीं किया जाता है। आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही दी जाती है। इधर जिला जनसम्पर्क कार्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।
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इस अकाउंट से कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे गए हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इसका इस्तेमाल कर लोगों से पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगने की साजिश की जा रही थी। डीएम ने बताया की ऐसे कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह एक आपराधिक प्रवृत्ति का मामला है और आईटी एक्ट के तहत यह दंडनीय अपराध है। जिला प्रशासन ने साइबर थाना को इस फर्जी आईडी की पूरी जांच करने और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने अपील किया है की वे इस तरह की फर्जी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
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किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि ऐसी कोई गतिविधि दिखे, तो तुरंत साइबर थाना या प्रशासन को सूचित करें। यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अफसरों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को गुमराह करने और ठगी करने के कई मामले देशभर में सामने आते रहते हैं।
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इन फर्जी प्रोफाइलों के जरिए लोग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर कभी जरूरतमंद बताकर पैसे मांगते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करवाने का प्रयास करते हैं, जिससे मोबाइल या सिस्टम हैक भी हो सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिला पदाधिकारी या किसी अन्य अधिकारी की ओर से कोई औपचारिक संवाद नहीं किया जाता है। आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही दी जाती है। इधर जिला जनसम्पर्क कार्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।