Bihar: सरकारी डॉक्टर अब नहीं कर पाएंगे प्राइवेट प्रैक्टिस, स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की नई नीति का एलान
Bihar: नीतीश कुमार ने मंच से यह भी घोषणा की कि पश्चिम चंपारण जिले को 182 करोड़ की लागत से 161 विकास योजनाओं की सौगात दी जा रही है। इसमें 125 योजनाओं का शिलान्यास और 36 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 16 जनवरी को बेतिया से अपनी महत्वाकांक्षी समृद्धि यात्रा की शुरुआत करते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने का बड़ा ऐलान किया। बेतिया के बड़ा रमना मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बिहार के सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इसके लिए सरकार नई नीति लाने जा रही है, जिससे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आम मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
नीतीश कुमार ने मंच से यह भी घोषणा की कि पश्चिम चंपारण जिले को 182 करोड़ की लागत से 161 विकास योजनाओं की सौगात दी जा रही है। इसमें 125 योजनाओं का शिलान्यास और 36 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इन योजनाओं से सड़क, भवन, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सभा में मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले के बिहार की तुलना में वर्तमान स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे, कानून-व्यवस्था बदहाल थी, इलाज, शिक्षा, सड़क और बिजली की हालत खराब थी। लेकिन उनकी सरकार आने के बाद कानून का राज स्थापित हुआ और विकास की गति तेज हुई। आज बिहार में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर झगड़े नहीं होते और सभी वर्गों के लिए समान रूप से काम हुआ है।
रोजगार के मामले में उन्होंने दावा किया कि 2020 में 10 लाख नौकरियों और 10 लाख रोजगार का वादा पूरा हो चुका है, जिसमें 10 लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और 40–50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य भी तय किया।
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महिला सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि पंचायती राज में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को आगे बढ़ाया गया है। जीविका योजना के माध्यम से आज 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए कब्रिस्तानों और पुराने मंदिरों की घेराबंदी कराई गई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से बिहार को लगातार सहयोग मिल रहा है और सड़क, पुल, पुलिया व अन्य परियोजनाओं का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस दौरान समृद्धि यात्रा में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा मौजूद रहे। कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सुरक्षा कारणों से डिप्टी सीएम की गाड़ी को रोका गया, जिसके बाद वे दौड़ते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जिसे लेकर चर्चा रही।
समृद्धि यात्रा से पहले पश्चिम चंपारण में माले के युवा नेता फरहान राजा की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाया। माले नेताओं ने इसे विरोध की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और यातायात, स्वास्थ्य व विधि-व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी की गईं।
कुमारबाग में उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्टार्टअप, औद्योगिक निवेश और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। समृद्धि यात्रा को पश्चिम चंपारण के लिए विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम पड़ाव माना जा रहा है।