Bihar: उत्तर भारत की महिलाओं पर विवादित टिप्पणी, डीएमके सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज
Bihar: डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारत की महिलाओं को केवल घर और बच्चों के लिए बताया और दक्षिण की महिलाओं को श्रेष्ठ बताया। उनके इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर किया।
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बिहार के मुजफ्फरपुर की कोर्ट में डीएमके के सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। मामला उस विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें दयानिधि मारन ने उत्तर भारत की महिलाओं की तुलना दक्षिण भारत की महिलाओं से की थी।
चेन्नई सेंट्रल सीट से चार बार सांसद रह चुके दयानिधि मारन ने अपने बयान में कहा था कि उत्तर भारत की महिलाएं मुख्य रूप से घर का काम और बच्चों की देखभाल करने के लिए हैं, जबकि तमिलनाडु की महिलाएं पढ़ाई-लिखाई और कामकाजी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत की लड़कियां सर्वगुण सम्पन्न और हर काम में सक्षम हैं।
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इस बयान को लेकर अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में दयानिधि मारन के खिलाफ परिवाद दायर किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सांसद का यह बयान उत्तर भारत की महिलाओं को नीचा दिखाने और दक्षिण भारत की महिलाओं को श्रेष्ठ दिखाने की मंशा से दिया गया था।
अधिवक्ता ओझा ने बताया कि उनके खिलाफ मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 74, 75/79, 192, 251(बी), 298 और 352 के तहत दर्ज किया गया है। कोर्ट ने इस परिवाद को स्वीकार करते हुए 22 जनवरी को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की है।