फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Muzaffarpur News ›   Alleged ₹35 lakh drug money deal heightens officials' anxiety Motihari East Champaran Bihar News

Bihar News: कैश की बरामदगी से खुला 35 लाख डील का राज! मोतिहारी में पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

Thu, 25 Jun 2026 12:31 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मोतिहारी Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Thu, 25 Jun 2026 12:31 PM IST
सार

मोतिहारी में ड्रग्स कारोबार से जुड़ी कथित रकम की बरामदगी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। 25 मई के आसपास पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चकिया टोल प्लाजा के पास एक वाहन से करीब 25 लाख रुपये बरामद किए थे।

विज्ञापन
Alleged ₹35 lakh drug money deal heightens officials' anxiety Motihari East Champaran Bihar News
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वी चंपारण जिले में ड्रग्स कारोबार से जुड़ी कथित रकम की बरामदगी का मामला अब पुलिस विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। करीब 25 लाख रुपये की बरामदगी के बाद तस्करों को बचाने के नाम पर 35 लाख रुपये की कथित डील की चर्चा ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। यही वजह है कि अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और जिला पुलिस दोनों स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

विज्ञापन

गुप्त सूचना के बाद हुई थी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, 25 मई के आसपास पुलिस को सूचना मिली थी कि पटना की ओर से ड्रग्स कारोबार से जुड़ी बड़ी रकम लेकर कुछ लोग गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद चकिया टोल प्लाजा के पास एक वाहन की तलाशी ली गई। बताया जाता है कि वाहन के गुप्त तहखाने से करीब 25 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके बाद बरामदगी और गिरफ्तारी की कार्रवाई को तुरकौलिया थाना क्षेत्र से जुड़ा दिखाया गया और गिरफ्तार लोगों को वहीं रखा गया।

विज्ञापन

चार लोगों की हुई थी गिरफ्तारी

बताया जाता है कि गिरफ्तार चार लोगों में दो नेपाल के निवासी थे, जबकि दो आदापुर क्षेत्र के संपन्न परिवारों से जुड़े बताए जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद मामले को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत और कथित मोलभाव का दौर शुरू हो गया। इसी दौरान प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

एफआईआर में देरी पर उठे सवाल

सूत्रों का दावा है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बावजूद मामला दो दिनों तक लंबित रहा। यहां तक कि पुलिस मुख्यालय को भी बरामदगी और गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी के बाद 28 मई को एफआईआर दर्ज की गई।

35 लाख की कथित वसूली का आरोप

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब आरोप सामने आया कि गिरफ्तार लोगों को राहत दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये की कथित वसूली की गई थी। बताया जाता है कि इस संबंध में एक आरोपी ने खुद मोतिहारी पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई को शिकायत दी। मामला पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम को मोतिहारी भेजा गया। दूसरी ओर मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी।

दोहरी जांच शुरू होते ही बढ़ी बेचैनी

ईओयू और जिला पुलिस की दोहरी जांच शुरू होने के बाद कथित तौर पर पैसा लेने वालों की बेचैनी बढ़ गई। सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह दो किस्तों में 35 लाख रुपये वापस कर दिए गए। इसके बाद गिरफ्तार व्यक्तियों का वीडियो बयान भी रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका किसी के पास कोई पैसा बकाया नहीं है और पहले की गई शिकायत भूलवश की गई थी।

जांच एजेंसियां बयान से संतुष्ट नहीं

हालांकि जांच एजेंसियां केवल इस बयान के आधार पर मामले को समाप्त करने के पक्ष में नहीं दिख रही हैं। जांच का फोकस अब उन लोगों पर केंद्रित है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर पैसा लिया और लौटाया गया। यह भी जांच की जा रही है कि रुपये कहां से आए, किसके कहने पर लौटाए गए और पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

बरामद रुपये की कहानी में भी विरोधाभास

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आने की बात कही जा रही है कि बरामद रकम हजारीबाग से लाई जा रही थी। वहीं गिरफ्तार लोगों ने शुरुआती पूछताछ में इसे पटना से लाया गया मनी एक्सचेंज का पैसा बताया था। इस विरोधाभास ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस दोनों स्तर पर जांच जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 35 लाख रुपये की कथित डील, एफआईआर में देरी और ड्रग्स मनी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। हालांकि इतना तय माना जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण ने पुलिस महकमे के कई लोगों की चिंता बढ़ा दी है और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed