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बिहार: गणतंत्र दिवस पर वन्दे मातरम न कहने पर मुस्लिम शिक्षक की पिटाई

Thu, 07 Feb 2019 10:50 AM IST
अल्पना शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अल्पना शर्मा Updated Thu, 07 Feb 2019 10:50 AM IST
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Muslim teacher beaten by locals in Bihar for not saying Vande Mataram on Republic Day
मुस्लिम शिक्षक ने वन्दे मातरम गाने से किया इनकार - फोटो : ANI

बिहार के कटिहार जिले में एक मुस्लिम शिक्षक की पिटाई का मामला सामने आया है। बाताया जा रहा है शिक्षक की स्थानीय लोगों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि उसने ध्वजारोहण समारोह के बाद वन्दे मातरम कहने से इनकार कर दिया था।

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जानकारी के मुताबिक पीड़ित शिक्षक का नाम अफजल हुसैन है। हुसैन को स्थानीय लोगों द्वारा पीटे जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। हुसैन प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है। 
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हुसैन का कहना है कि उसने वन्दे मातरम इसलिए नहीं गया क्योंकि यह उसकी धार्मिक मान्यता के खिलाफ है। हुसैन का कहना है, "हम अल्लाह में विश्वास करते हैं और वन्दे मातरम हमारी मान्यता के खिलाफ है। इस शब्द का अर्थ है भारत माता की वंदना (हिंदी में स्तुति), जिसे हम नहीं मानते।"
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हुसैन का कहना है, "संविधान में ये कहीं नहीं लिखा है कि वन्दे मातरम कहना जरूरी है। मेरी जान जा सकती थी।" जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र देव का कहना है कि उन्हें ऐसी घटना से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है।

अधिकारी का कहना है, "अगर ऐसी कोई जानकारी मिलती तो जांच की जाती। लेकिन अभी तक हमें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।" बता दें भारत के राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम को लेकर पहले भी कई बार विवाद खड़ा हो चुका है।

इस मामले पर बिहार के शिक्षा मंत्री का कहना है कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो कार्यवाही की जाएगी। राष्ट्रीय गीत का अपमान करना बिल्कुल भी क्षमा योग्य नहीं है।
 
कई मुस्लिमों का कहना है कि संस्कृत में ये गीत हिंदू देवी दुर्गा का भजन है और इसे गाना इस्लाम के सिद्धातों के खिलाफ है। जानकारी के लिए बता दें ये गीत बंगाली कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने साल 1876 में लिखा था।

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