SH-95 पर एप्रोच पथ की मांग: खगड़िया के श्रीनगर के पास ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, 20 गांवों को हो रही परेशानी
Bihar: ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे बनने से उजाड़ दियारा क्षेत्र में भले ही विकास की उम्मीद जगी हो, लेकिन एप्रोच पथ के अभाव में इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। यदि एप्रोच पथ बनता है तो सरसावा, श्रीनगर, गुलरिया, धमारा, सिशवा, ठूठी मोहनपुर, खरैता समेत करीब 20 गांवों के एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
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खगड़िया के मानसी और फनगो हॉल्ट के बीच बन रहे स्टेट हाईवे 95 (SH-95) पर एप्रोच पथ की मांग को लेकर रविवार को श्रीनगर गांव के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। यह जाम सुबह से लेकर करीब 11 बजे तक जारी रहा, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक साल से खगड़िया के जिलाधिकारी, बीएसआरडीसी और जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों को लिखित आवेदन देकर एप्रोच लिंक पथ की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसका सीधा असर उनके रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ रहा है।
एप्रोच पथ नहीं, तो आवागमन बंद
स्थानीय सरसावा पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सच्चितानंद यादव ने बताया कि यदि एप्रोच पथ नहीं बना तो उनका SH-95 से संपर्क लगभग टूट जाएगा। उन्हें हाईवे तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी से कई बार आग्रह करने के बावजूद एप्रोच पथ का निर्माण शुरू नहीं किया गया, जिसके विरोध में उन्हें सड़क जाम करना पड़ा।सामाजिक कार्यकर्ता बिजेंद्र कुमार यादव ने चेतावनी दी कि जब तक श्रीनगर गांव के पास एप्रोच पथ का निर्माण नहीं होता, तब तक वे सड़क निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। वहीं, पैक्स अध्यक्ष मनोज यादव ने निर्माण कंपनी पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जाम जारी रहेगा।
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण
पूर्व जिला परिषद सदस्य योगेंद्र सदा ने बताया कि स्टेट हाईवे निर्माण के प्रारंभ से ही एप्रोच पथ की मांग की जा रही है, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई पहल नहीं की। विधायक प्रत्याशी विद्यानंद यादव ने भी चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर श्रीनगर और धमारा गांव के समीप एप्रोच पथ का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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पूर्व सांसद प्रत्याशी शिव नारायण सिंह ने कहा कि खिड़नियां बांध से लेकर श्रीनगर गांव तक SH-95 के किनारे कई स्थानों पर एप्रोच पथ की आवश्यकता है। उन्होंने बीएसआरडीसी, जिला प्रशासन और शिकायत निवारण पदाधिकारी को कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन अब तक किसी ने संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने बारिश शुरू होने से पहले कमरी बहियार, बंगलिया, धमारा, सिरसिया और श्रीनगर के पास एप्रोच पथ निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों की एकजुटता, महिलाओं की भी भागीदारी
सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम में भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों में दिनेश यादव, उमेश यादव, रवि यादव, विष्णुदेव साह, मुंशी यादव, रणजीत यादव, मोहम्मद फको, मोहम्मद गफ्फार, रामप्रवेश चौधरी, डॉ. जवाहर चौधरी, शिवचंद्र मंडल, दिलीप मंडल, योगेंद्र मंडल, शंकर मंडल, मोहम्मद बूढ़ो, मोहम्मद मुकर्रम, मुकेश कुमार, दशरथ कुमार, रौशन कुमार, पूजा देवी, आरती देवी और अहिल्या देवी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
20 गांवों को होगा सीधा लाभ
ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे बनने से उजाड़ दियारा क्षेत्र में भले ही विकास की उम्मीद जगी हो, लेकिन एप्रोच पथ के अभाव में इसका लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। यदि एप्रोच पथ बनता है तो सरसावा, श्रीनगर, गुलरिया, धमारा, सिशवा, ठूठी मोहनपुर, खरैता समेत करीब 20 गांवों के एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। करीब चार घंटे बाद बीएसआरडीसी के खगड़िया जिला प्रबंधक धीरज कुमार के मौके पर पहुंचने और शीघ्र ही एप्रोच पथ निर्माण का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।
निर्माण कंपनी ने दिया जवाब
निर्माण कंपनी के एडमिन मैनेजर संजय राय ने ग्रामीणों को बताया कि जब तक बीएसआरडीसी विभाग से निर्देश नहीं मिलता, तब तक कंपनी एप्रोच पथ का निर्माण नहीं कर सकती। उन्होंने भी भरोसा दिलाया कि निर्देश मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।