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Bihar: प्राध्यापक की मांग को लेकर छात्रों का हंगामा, अर्थशास्त्र विभाग में पढ़ाई ठप; छात्रों ने दी ये चेतावनी
Wed, 25 Jun 2025 03:51 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 25 Jun 2025 03:51 PM IST
सार
Bihar: प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य गिरीश चंद्र पांडेय ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है, जिससे छात्रों का आक्रोश और भी बढ़ गया है।
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छात्रों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केएसएस कॉलेज लखीसराय में बुधवार को स्नातक और परास्नातक अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने अर्थशास्त्र विभाग में प्राध्यापक की नियुक्ति की मांग को लेकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि विभाग में एक भी शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है।
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जानकारी के अनुसार, अर्थशास्त्र विभाग के एकमात्र प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार का हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थानांतरण कर दिया है। उनके स्थानांतरण के बाद से विभाग में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह रुक गई हैं। इससे छात्र-छात्राओं में भारी नाराजगी है।
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छात्रों ने आरोप लगाया कि वे कई बार विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मांग भी की गई है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय और सरकार का यह रवैया उनके भविष्य से खिलवाड़ है।
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विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रों ने कहा कि उनका यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
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प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य गिरीश चंद्र पांडेय ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है, जिससे छात्रों का आक्रोश और भी बढ़ गया है।
छात्र संगठनों के समर्थन से बड़े आंदोलन की तैयारी भी शुरू हो गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कॉलेज परिसर में व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य की सुरक्षा के लिए है। छात्रों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अर्थशास्त्र विभाग में स्थायी प्राध्यापक की नियुक्ति कर पढ़ाई को सामान्य बनाया जाए।