बिहार: खगड़िया में स्कूल की सीढ़ी गिरने से बच्ची की मौत, जांच में निर्माण की अनियमितता उजागर
खगड़िया के मानसी स्थित प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला में सीढ़ी गिरने से बच्ची की मौत के मामले में जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट में भवन निर्माण में अनियमितता सामने आई है। तत्कालीन प्रधानाचार्य पर कार्रवाई होगी। जिले के 1150 से अधिक स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
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बिहार के खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड की अमनी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला में सीढ़ी गिरने से बच्ची की मौत के मामले में जांच पूरी हो गई है। तीन सदस्यीय जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया वर्ष 2018 में बने स्कूल भवन के निर्माण में अनियमितता सामने आई है। तत्कालीन प्रधानाचार्य पर निर्माण राशि का पूरा उपयोग नहीं करने और मानकों के अनुरूप भवन का निर्माण नहीं कराने की बात कही गई है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर गठित जांच टीम में सदर एसडीओ धनंजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गोण्ड और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मुक्ति नारायण शामिल थे। टीम ने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण कर भवन और सीढ़ी की संरचनात्मक स्थिति की जांच की। इसके अलावा निर्माण और मरम्मत से जुड़े अभिलेखों तथा संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
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जांच रिपोर्ट की प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। स्कूल की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाली शिक्षा समिति, प्रधानाध्यापक, संबंधित अभियंता और शिक्षा पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
घटना के बाद जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसईआईडीसी) के माध्यम से भवनों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। इसके साथ ही जिले के 1150 से अधिक सरकारी स्कूलों में आपदा और सुरक्षा के लिहाज से जांच के लिए प्रशासन ने टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची के आश्रित को मानसी अंचलाधिकारी के माध्यम से मृतक अनुदान योजना के तहत चार लाख रुपये की मुआवजा राशि तत्काल उपलब्ध करा दी गई है।