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Bihar News: विजय कुमार को फिर मिला मंत्रिमंडल में स्थान, साधारण परिवार से उठकर कैसे बने प्रभावशाली चेहरा?

Thu, 20 Nov 2025 04:06 PM IST
मुंगेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीसराय Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Thu, 20 Nov 2025 04:06 PM IST
सार

Bihar: 2020 में विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा अध्यक्ष चुने गए और इस दौरान उनकी सख्त और प्रक्रियानिष्ठ कार्यशैली चर्चा में रही। राजनीतिक परिस्थितियों के चलते 2022 में पद छोड़ने के बाद वे नेता प्रतिपक्ष बने और सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाई।

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bihar newd lakhisarai Vijay Kumar Sinha Reinducted into Bihar Cabinet
लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

बिहार की राजनीति में संगठनात्मक मजबूती, स्पष्ट कार्यशैली और सादगीपूर्ण व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लखीसराय के चानन प्रखंड अंतर्गत तिलकपुर गांव स्थित अपने ननिहाल में 5 जून 1967 को जन्मे सिन्हा आज बिहार के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

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साधारण परिवार में जन्मे सिन्हा के पिता शारदा रमण सिंह शिक्षक और माता सुरमा देवी गृहिणी थीं, जिनके संस्कारों ने उन्हें बचपन से ही शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध बनाया। छात्र राजनीति से ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और बाद में संघ की विचारधारा से प्रेरित होकर भाजपा संगठन में सक्रिय हुए। बेगूसराय के बरौनी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा करने के दौरान ही उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता बढ़ती गई।
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भाजपा ने 2005 में लखीसराय विधानसभा से उन्हें टिकट दिया, जहां उन्होंने पहली ही बार में जीत दर्ज की। हालांकि उसी वर्ष हुए पुनर्मतदान में वे 80 वोटों से हार गए, लेकिन इसे उन्होंने चुनौती के रूप में लिया। इसके बाद 2010, 2015 और 2020 में लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत की। 2017 में उन्हें श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया, जहां उन्होंने कौशल विकास और श्रमिक कल्याण की योजनाओं पर कार्य किया।
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2020 में वे बिहार विधानसभा अध्यक्ष चुने गए और इस दौरान उनकी सख्त और प्रक्रियानिष्ठ कार्यशैली चर्चा में रही। राजनीतिक परिस्थितियों के चलते 2022 में पद छोड़ने के बाद वे नेता प्रतिपक्ष बने और सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में सरकार के पुनर्गठन में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया। पथ निर्माण, युवा एवं संस्कृति, कृषि और खनन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते हुए उन्होंने प्रशासनिक दक्षता का प्रदर्शन किया। इसी विश्वास को आगे बढ़ाते हुए 2025 में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया और 20 नवंबर को उन्हें शपथ दिलाई।

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