Bihar News: अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा, 'अमर उजाला' की खबर पर डीएम की अनुशंसा; पैर काट वसूली कर रहा था
Munger News: मुंगेर नेशनल अस्पताल पर मरीज को बंधक बनाकर वसूली और मानकों के उल्लंघन का आरोप लगा है। प्रशासनिक जांच में गंभीर खामियां मिलने पर डीएम ने अस्पताल का निबंधन रद्द करने की अनुशंसा की और कारण बताओ नोटिस जारी कराया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंगेर सदर अस्पताल के पीछे तोपखाना बाजार स्थित मुंगेर नेशनल अस्पताल पर प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। इलाज के नाम पर भारी राशि वसूलने और भुगतान न होने पर मरीज व परिजनों को बंधक बनाने के आरोप में जिलाधिकारी ने अस्पताल का निबंधन रद्द करने की अनुशंसा की है। डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने अस्पताल के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।
कारण बताओ नोटिस जारी, अवैध संचालन पर सख्ती
जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकार (नैदानिक स्थापना) की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में सिविल सर्जन ने मुंगेर नेशनल अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बिना निबंधन संचालित या न्यूनतम मानकों का पालन नहीं करने वाली नैदानिक स्थापनाओं की पहचान कर अनुमंडल स्तर पर धावा दल के माध्यम से सूची तैयार की जाए।
सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ पूरा मामला
लखीसराय जिले के मेदनी चौकी निवासी महेश साव के 35 वर्षीय पुत्र टिंकू शाह 24 नवंबर 2025 को शिवकुंड, हेमजापुर थाना क्षेत्र के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल मुंगेर में भर्ती कराया था।
सदर अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आरोप
प्राथमिक उपचार के बाद कथित तौर पर सदर अस्पताल के चिकित्सक और दलाल के माध्यम से टिंकू शाह को पीछे स्थित मुंगेर नेशनल अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सदर अस्पताल में ड्यूटी पर रहे चिकित्सक डॉ. रोशन कुमार का नाम मुंगेर नेशनल अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर अंकित है।
पढ़ें- आंगनबाड़ी केंद्र में नाबालिग बहनों को दिखाया अश्लील वीडियो: चार आरोपी गिरफ्तार, पिता-चाचा पर जानलेवा हमला
इलाज के दौरान कटा पैर, बंधक बनाए जाने का आरोप
मुंगेर नेशनल अस्पताल में इलाज के दौरान टिंकू शाह का दाहिना पैर काट दिया गया। परिजनों द्वारा इलाज का खर्च चुकाने में असमर्थता जताने पर अस्पताल प्रबंधन ने मरीज और उसके परिजनों को 13 दिनों तक बंधक बनाए रखने का आरोप लगा है।
डीएम के हस्तक्षेप के बाद मुक्त हुए मरीज और परिजन
पीड़ित के पिता महेश साव ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई, जिसके बाद डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में सिविल सर्जन और डॉ. निरंजन कुमार सहित तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। जांच के बाद टिंकू शाह और उनके परिजनों को अस्पताल से मुक्त कराया गया।
जांच में गंभीर खामियां उजागर
जांच टीम की रिपोर्ट में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी, आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव, बेड संख्या में अनधिकृत परिवर्तन और पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, ओपीडी, आईसीयू व ऑपरेशन थिएटर के संचालन में गंभीर खामियां पाई गईं। इन्हीं आधारों पर जिलाधिकारी ने अस्पताल का निबंधन रद्द करने की अनुशंसा की है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.