Lalan Singh : पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार के करीबी ललन सिंह बने मंत्री, भूमिहार समाज से आते हैं
Bihar : राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के कैबिनेट में शामिल हो रहे हैं। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं। मुंगेर लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार जदयू के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद बने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंगेर से जदयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के कैबिनेट में शामिल हो रहे हैं। ललन सिंह बिहार के जाने-माने नेता हैं। वह भूमिहार समाज से आते हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं। उन्होंने मुंगेर लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और सांसद बने। राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड के गिलानी चक रहने वाले हैं। लेकिन राजनीतिक रूप से उनकी सक्रियता मुंगेर और बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में अधिक रही है नालंदा से उनका राजनीतिक तौर पर जुड़ाव कम रहा है।
बाहुबली अशोक महतो की पत्नी को भारी मतों से हराया
2024 के लोकसभा चुनाव में ललन सिंह ने जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और बाहुबली अशोक महतो की नव विवाहिता पत्नी कुमारी अनिता को 80807 से मतों से पराजित कर मुंगेर लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार सांसद बने। लोकसभा चुनाव में दिलचस्प बात रही कि मुंगेर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को राजद प्रत्याशी कुमारी अनिता से कम मत पड़े। वही लोकसभा चुनाव के दौरान मोकामा के पूर्व विधायक एवं छोटे सरकार के नाम से विख्यात अनंत सिंह को राज्य सरकार के द्वारा 15 दिनों के लिए पैरोल दिया गया था। लेकिन अनंत सिंह के द्वारा जेडीयू प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किए जाने के बावजूद उन्हें मोकामा विधानसभा में कम मत पड़े।
जीतन राम मांझी ने कैबिनेट से किया था बर्खास्त
ललन सिंह वर्ष 2010 में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ विद्रोह किया था। जिसके कारण वह काफी समय तक जदयू के निर्वासित सदस्य बने रहे। 2013 में जदयू ने उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी लेकिन नीतीश कुमार के साथ उनके संबंध सुधरने के बाद इस कदम को पीछे खींच लिया गया था। वर्ष 2014 में बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी बनाए गए थे। वहीं वर्ष 2015 में जीतन राम मांझी ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था। बाद में जब नीतीश कुमार पुनः बिहार की सत्ता संभाली तो उन्हें मंत्री बनाया।
जानिए क्या है ललन सिंह की निजी जिंदगी
राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मूल रूप से नालंदा के रहने वाले हैं। उनके पिता ज्वाला प्रसाद पुलिस सेवा में डीएसपी थे। उनकी पत्नी रेणु देवी हाउसवाइफ है। उन्हें एक बेटी है, जो अमेरिका के एक कंपनी में कार्यरत हैं जबकि एक भाई प्रियरंजन सिंह उर्फ मुन्ना सिंह हैं जो ए एन कॉलेज पटना में एचओडी से सेवा निवृत हैं। ललन सिंह स्नातक (आर्ट्स) टीएनबी कॉलेज भागलपुर विश्वविद्यालय से किया था।
जेपी के नेतृत्व में शुरू हुआ राजनीतिक सफर
ललन सिंह का राजनीतिक सफर वर्ष 1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलन में शामिल हुए थे। उस वक्त वह कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के जनरल सेक्रेटरी थे। उसके बाद वह राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 2000 से 2004 तक जदयू के राज्यसभा सांसद रहे। 2009 से 2014 तक जदयू से मुंगेर से सांसद रहे, 2014 में मुंगेर से चुनाव लड़े लेकिन लोजपा के टिकट से चुनाव लड़ रही सूरजभान सिंह के पत्नी बीना देवी ने एक लाख से अधिक मतों से ललन सिंह को पराजित किया था।
अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भारी मतों से कर चुके हैं पराजित
ललन सिंह को बिहार विधानसभा परिषद का सदस्य निर्वाचित किया गया। फिर वह जल संसाधन मंत्री बने। वर्ष 2019 में फिर मुंगेर लोकसभा से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और मोकामा के पूर्व विधायक एवं छोटे सरकार के नाम से विख्यात अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भारी मतों से पराजित किया। वर्ष 2021 में ललन सिंह को पहली बार जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन 11 दिसंबर 2024 को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में जदयू का अधिवेशन हुआ, जहां जदयू के नेता एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो बिहार के कुख्यात अपराधी अशोक महतो की नवविवाहिता पत्नी कुमारी अनिता को 80807 के मतों से उन्हें पराजित कर मुंगेर से लगातार दूसरी बार सांसद बने और केंद्र के मोदी सरकार में उन्हें मंत्री पद दिया गया। वहीं जदयू से सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को केंद्र में मंत्री बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।