सारण में बाढ़ का तांडव: दिघवारा में मही नदी के तटबंध का बड़ा हिस्सा टूटा, डीएम-एसएसपी पहुंचे मौके पर
सारण में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। दिघवारा में मही नदी में तटबंध का बड़ा हिस्सा टूट गया है। डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे हैं। बांध टूटने से कई गांवों में पानी फैल गया है, जबकि एनएच-19 पर भी बाढ़ का पानी चढ़ने लगा है। जिले के 11 प्रखंडों में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं।
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बिहार के सारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। दिघवारा में मही नदी में तटबंध का बड़ा हिस्सा टूट गया है। डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे हैं। बांध टूटने से कई गांवों में पानी फैल गया है, जबकि एनएच-19 पर भी बाढ़ का पानी चढ़ने लगा है। जिले के 11 प्रखंडों में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं।
शुक्रवार देर रात दिघवारा प्रखंड की त्रिलोकचक पंचायत स्थित केशरपुर गांव के समीप मही नदी का बांध करीब 10 से 12 फीट की चौड़ाई में टूट गया। बांध टूटते ही नदी का उग्र पानी आसपास के गांवों में सैलाब की तरह फैल गया।
इसके साथ ही हाजीपुर-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-19) पर भी पानी का दबाव बढ़ने लगा है और डुमरी गांव के समीप सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। एक साथ कई मोर्चों पर पानी फैलने से सारण के लोगों की मुश्किलें चरम पर पहुंच गई हैं।
केशरपुर के पास मही नदी का बांध टूटा
शुक्रवार देर रात केशरपुर के समीप मही नदी के तटबंध में अचानक बड़ा कटाव हुआ और करीब 10 से 12 फीट का हिस्सा बह गया। इसके बाद नदी का पानी बेकाबू होकर निचले रिहायशी इलाकों में दाखिल हो गया। जलप्रवाह इतना तेज था कि स्थानीय ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते दर्जनों घरों में पानी घुस गया। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर रात के अंधेरे में ही सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। अचानक आए इस पानी के कारण लोग अपने घरेलू सामान, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुएं भी नहीं बचा पाए।
दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कटा
मही नदी का पानी फैलने से दिघवारा प्रखंड के दर्जनों गांव जलमग्न हो चुके हैं। गांवों को जोड़ने वाली मुख्य संपर्क सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे इन इलाकों का संपर्क दिघवारा प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। आवागमन के सारे रास्ते बंद होने के बाद अब ग्रामीणों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बची है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नावों का परिचालन शुरू कर दिया है। राहत दलों द्वारा फंसे हुए लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एनएच-19 पर बढ़ा खतरा, यातायात प्रभावित
सारण की बाढ़ अब मुख्य मार्गों तक पहुंच चुकी है। हाजीपुर-गाजीपुर एनएच-19 पर डुमरी गांव के समीप सड़क पर पानी बहने लगा है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पानी आने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो उत्तर बिहार को जोड़ने वाले इस अहम राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सड़क मार्ग तथा आसपास के जलमग्न इलाकों की लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके।
दरियापुर प्रखंड में भी भारी तबाही
मही नदी के उफान का असर केवल दिघवारा तक सीमित नहीं है, बल्कि दरियापुर प्रखंड के कई गांवों में भी इसका पानी तबाही मचा रहा है। दरियापुर क्षेत्र में 25 से अधिक घरों में पानी घुस जाने के कारण लोगों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े हैं। बेघर हुए परिवारों ने ऊंचे स्थानों, सड़कों के किनारे और बांधों पर शरण ली है। लोग अपने साथ मवेशियों, सूखे राशन और जरूरी कपड़ों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल है।
बाढ़ की चपेट में सारण के कई प्रखंड
शुक्रवार रात से शुरू हुआ पानी का प्रसार शनिवार तक जिले के बड़े हिस्से में फैल चुका है। वर्तमान में सोनपुर, दिघवारा, गरखा, छपरा सदर, रिविलगंज, मांझी, पानापुर, तरैया, अमनौर, परसा और मकेर सहित कुल 11 प्रखंडों के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। कुछ इलाके पहले से ही बाढ़ से प्रभावित थे, लेकिन नए इलाकों में पानी पहुंचने से संकट और गहरा गया है। शहरी क्षेत्रों के निचले इलाकों में भी जलभराव की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।
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सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे लोग
नए इलाकों में पानी भरने के बाद कई घर चारों तरफ से जलमग्न हो चुके हैं। इन घरों में फंसे परिवारों के सामने सिर छिपाने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाशना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोग किसी तरह मचान, छतों या ऊंचे बांधों पर शरण ले रहे हैं। गृहस्थी का सामान बचाने की जद्दोजहद के बीच पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को तेज करने का दावा कर रहा है, लेकिन प्रभावित आबादी की संख्या इतनी अधिक है कि राहत सामग्री हर पीड़ित तक तुरंत पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दिघवारा प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकचक गांव स्थित मही नदी का टूटा बांध

दिघवारा प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकचक गांव स्थित मही नदी का टूटा बांध

दिघवारा प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकचक गांव स्थित मही नदी का टूटा बांध