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Bihar: बिहार पुलिस का मिशन इन्वेस्टिगेशन, 75 दिन में अनुसंधान के लिए चार गुना अधिक वरीय वैज्ञानिक सहायक तैनात

Fri, 09 Feb 2024 03:16 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 09 Feb 2024 03:16 PM IST
सार

बिहार पुलिस की ओर से बताया गया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कार्यों के सुचारु रूप से निष्पादन, वैज्ञानिक जांच तथा अनुसंधान हेतु वैज्ञानिकों की आवश्यकता को देखते हुये वैज्ञानिकों की नियुक्ति की गयी है। ताकि 75 दिनों में अनुसंधान सम्पन्न करने का लक्ष्य पूर्ण किया जा सके।

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Mission Investigation of Bihar Police, four times more senior scientific assistants deployed for fast research
सीनियर आईपीएस अधिकारी विशाल शर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार पुलिस केस के अनुसंधान को कम से कम समय में करने की कवायद शुरू कर दी गई। इसके लिए "मिशन इन्वेस्टिगेशन" @ 75 दिन की शुरुआत हो चुकी है। बिहार पुलिस मुख्यालय में मीडिया के बातचीत करते हुए पुलिस महानिरीक्षक के सहायक (कल्याण) और सीनियर आईपीएस अधिकारी विशाल शर्मा ने कहा कि इस साल के अंत तक बिहार पुलिस का लक्ष्य है कि 75 दिनों के अंदर कांडों का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान संपन्न हो जाए। 

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75 दिनों में अनुसंधान पूरा करने का लक्ष्य
गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान तथा कांड के ससमय निष्पादन के लिए यह आवश्यक है कि जब्त प्रदर्शों की वैज्ञानिक पद्धति से जांच कराकर परिणाम प्राप्त किया जायें। अनुसंधान के क्रम में बरामद तथा जप्त किये गये प्रदर्शों की जांच ससमय नहीं होने के कारण अनुसंधान में निर्णय लिये जाने तथा कांड के निष्पादन में विलम्ब होता है। इसमें गुणात्मक सुधार लाते हुये राज्य को विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) में वरीय वैज्ञानिक सहायकों की संख्या में 4 गुनी वृद्धि की गयी है। प्रयोगशालाओं में कार्यों के सुचारु रूप से निष्पादन, वैज्ञानिक जांच तथा अनुसंधान हेतु वैज्ञानिकों की आवश्यकता को देखते हुये वैज्ञानिकों की नियुक्ति की गयी है। ताकि 75 दिनों में अनुसंधान सम्पन्न करने का लक्ष्य पूर्ण किया जा सके।
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इन शहरों में इतने वरीय वैज्ञानिक सहायक नियुक्त
सीनियर आईपीएस अधिकारी विशाल शर्मा ने कहा पूर्व में राज्य में 21 वरीय वैज्ञानिक सहायक कार्यरत थे। वर्ष 2023 में राज्य में और 86 वरीय वैज्ञानिक सहायकों को नियुक्त किया गया। इनमें 36 वरीय वैज्ञानिक सहायकों को पटना में 24 वरीय वैज्ञानिक सहायकों को मुजफ्फरपुर में तथा 26 वरीय वैज्ञानिक सहायकों को भागलपुर में नियुक्त किया गया है। पूर्व से कार्यरत 21 वरीय वैज्ञानिक सहायकों में 19 वरीय वैज्ञानिक सहायकों को सहायक निदेशक के उच्चतर पद पर वेतन सहित कार्यकारी प्रभार दिया गया। वर्तमान में कुल 88 वरीय वैज्ञानिक सहायक राज्य के विभिन्न विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में कार्यरत है। 

सात साल से अधिक सजा वाले केस में जांच करेगी एफएसएल
इन वरीय वैज्ञानिक सहायकों को देश की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात (NFSU) से प्रशिक्षण प्राप्त कराया जा रहा है। प्रथम चरण में 34 वैज्ञानिकों का प्रशिक्षण (NFSU) से कराया गया है। शेष अन्य वैज्ञानिकों को भी प्रशिक्षित किये जाने की व्यवस्था की जायेगी। अब यह प्रावधान भी किया गया है कि सात वर्षों से अधिक सजा वालों केस में क्राइम सीन से बरामद साक्ष्यों की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में करायी जायेगी। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु भी वैज्ञानिको की संख्या में वृद्धि की जा रही है ताकि घटनास्थल पर विशेषज्ञों के द्वारा पहुँच कर साक्ष्य को विधिवत संकलित करते हुये प्रयोगशाल ले जा कर उसकी वैज्ञानिक जाँच की जा सके।

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