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विपक्षी एकता को लगा झटका, लालू की रैली में शामिल नहीं होंगी मायावती, मुलायम पर सस्पेंस

Mon, 21 Aug 2017 09:50 PM IST
आशीष झा, पटना
आशीष झा, पटना Updated Mon, 21 Aug 2017 09:50 PM IST
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Mayawati refused to come in lalu rally be held in 27 august, even mulayam hope also less  -
मायावती मुलायम

विपक्षी एकता के नाम पर यूपी के क्षत्रपों को एक मंच पर लाने का प्रयास सफल होता नहीं दिख रहा है। लालू रैली के माध्यम से बिहार में जिस जमीन को बचाने में लगे हैं, वो जमीन यूपी की सियासत को शायद प्रभावित कर पाएगी।

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बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश और सपा से अलग चल रहे उनके पिता मुलायम एक मंच पर आने को आज भी तैयार नहीं दिख रहे हैं। मायावती ने जहां नहीं आने के संकेत दे दिए हैं, वहीं मुलायम रैली में अखिलेश के साथ दिखेंगे इसकी उम्मीद भी कम है।
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वैसे भी शरद यादव ने मुलायम को विपक्षी एकता में बाधक बता कर इसके संकेत दे दिए हैं। ये तीन चेहरे बेशक यूपी की सियासत से हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की जो बात हो रही है, उसका ठोस रूप भी इन चेहरों के एक साथ दिखने के बाद ही नजर आएगा। ऐसे में यूपी ही नहीं भारत की सियासत में भी लालू की रैली से कोई बड़ा सियासी बदलाव की उम्मीद कम ही है।

वैसे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनका परिवार 27 अगस्त को विपक्षी एकता को दिखाने की पूरी तैयारी में लगा है। बसपा सुप्रीमो के इस रैली में शामिल नहीं होने की सूचना को वे निराधार बता रहे हैं। उल्लेखनीय है कि लालू सार्वजनिक मंच से मायावती को राज्यसभा भेजने की बात कह चुके हैं, इसके बाद मायावती का राजद की रैली में शामिल न होना बताता है कि राजनीतिक सौदेबाजी में अभी सही मूल्यांकन का सबको इंतजार है।


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वैसे कांग्रेस और वाम दल के अलावा अब तक इस रैली को लेकर अन्य किसी दल ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जबकि भाजपा विरोधी 18 दलों को निमंत्रण भेजा गया है। ममता पहले जरूर पटना आने की बात कही थीं, लेकिन उनके ताजा बयान प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके नरम रुख को दिखा रहा है।

शरद यादव को लेकर भी यह चर्चा राजनीतिक गलियारे में चल रही है कि राजग में उनके बेटे के लिए जगह नहीं बन रही थी, जबकि जदयू से अलग होकर उन्होंने बेटे के लिए बिहार और दामाद के लिए हरियाणा में जमीन पा ली है। जदयू की मानें तो यह भाजपा के खिलाफ नहीं बल्कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार के समर्थन में रैली हो रही है। जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि रैली में वही शामिल होंगे जो भ्रष्टाचार और परिवारवाद के संरक्षक हैं। इधर, कहा जा रहा है कि राजद सुप्रीमो 27 की रैली को बाढ़ के मद्देनजर कुछ दिनों के लिए टाल सकते हैं।

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